फर्जी जन्म प्रमाणपत्र घोटाले में बड़ा खुलासा, नर्सिंग होम कनेक्शन पर जांच तेज


आदित्यपुर : फर्जी जन्म प्रमाणपत्र घोटाले को लेकर जांच अब और गहराती जा रही है। इस मामले में एक निजी नर्सिंग होम की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है, जिसके बाद प्रशासन और संबंधित विभागों ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अधिकारियों द्वारा रिकॉर्ड, दस्तावेज और जारी किए गए प्रमाणपत्रों की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संदिग्ध तरीके से कई जन्म प्रमाणपत्र जारी किए गए, जिनका उपयोग विभिन्न सरकारी कार्यों में किया जा सकता था। इससे पहले भी जिले में बड़े स्तर पर फर्जी जन्म प्रमाणपत्र का मामला सामने आ चुका है, जहां हजारों प्रमाणपत्रों को रद्द किया गया था और कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी।
इस पूरे मामले में पारुल सिंह के नेतृत्व में एक अभियान चलाया गया, जिसमें कुलदीप सिंह और रवींद्र के साथ अन्य टीम सदस्य भी शामिल रहे। इस अभियान के जरिए स्थानीय स्तर पर मामले को उजागर करने और जांच की मांग को तेज किया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी भी तरह की अनियमितता या मिलीभगत सामने आती है, तो संबंधित लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।


