टाटा स्टील को 1755 करोड़ का नोटिस, कोयला खनन में गड़बड़ी का आरोप, कंपनी ने किया विरोध


नई दिल्ली : टाटा स्टील को झारखंड के रामगढ़ स्थित जिला खनन कार्यालय की ओर से 1,755.10 करोड़ रुपये का बड़ा मांग नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस कंपनी को 3 अप्रैल को प्राप्त हुआ, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने वेस्ट बोकारो कोलियरी में वित्तीय वर्ष 2000-01 से 2006-07 के बीच निर्धारित सीमा से अधिक कोयला खनन किया। नोटिस के अनुसार, इस अवधि में कंपनी द्वारा लगभग 1.62 करोड़ मीट्रिक टन अतिरिक्त कोयले का उत्खनन किया गया, जो नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में आता है।

यह मांग सुप्रीम कोर्ट के चर्चित “कॉमन कॉज बनाम भारत सरकार” मामले में दिए गए निर्देशों के आधार पर उठाई गई है, जिसमें अवैध खनन और तय सीमा से अधिक उत्पादन को लेकर सख्त रुख अपनाया गया था। हालांकि टाटा स्टील ने इस नोटिस को अनुचित और आधारहीन बताया है। कंपनी का कहना है कि वह इस मांग से सहमत नहीं है और इसे संबंधित न्यायिक या अर्ध-न्यायिक मंचों पर चुनौती देगी। प्रबंधन का मानना है कि इस मामले में पर्याप्त ठोस आधार नहीं है।
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने दिसंबर तिमाही (Q3 FY26) में 2,689 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि के 327 करोड़ रुपये की तुलना में 723 प्रतिशत की बड़ी बढ़त है। कंपनी का राजस्व 57,002 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 6 प्रतिशत अधिक है। हालांकि तिमाही आधार पर मुनाफे में 13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। EBITDA 8,309 करोड़ रुपये रहा और मार्जिन लगभग 15 प्रतिशत के आसपास रहा। वहीं शेयर बाजार में कंपनी के शेयर 193.50 रुपये पर लगभग स्थिर बंद हुए, जिसमें हल्की गिरावट देखी गई।


