स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में गीता पाठ पर रोक का आदेश, मचा बवाल… अधिकारियों ने नहीं मानी बात


बांग्लादेश : 26 मार्च को 56वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राजशाही के तनोर उपजिला में आयोजित कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया। राजशाही-1 सीट से सांसद प्रोफेसर मुजीबुर रहमान और जमात-ए-इस्लामी के एक वरिष्ठ नेता की ओर से कथित तौर पर श्रीमद् भगवद गीता के पाठ को रोकने के निर्देश दिए गए, जबकि यहां परंपरा के तहत कुरान के साथ गीता का पाठ भी किया जाता रहा है।

इस फैसले के खिलाफ बांग्लादेश राष्ट्रीय हिंदू ग्रैंड अलायंस ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे धार्मिक भेदभाव बताया। संगठन ने सवाल उठाया कि राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में इस तरह का निर्देश कैसे दिया जा सकता है और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा।
हालांकि, उपजिला प्रशासनिक अधिकारी (यूएनओ) नाइमा खान ने इस मौखिक निर्देश को नहीं माना और कार्यक्रम तय योजना के अनुसार हुआ, जिसमें गीता और कुरान दोनों का पाठ शामिल रहा। घटना के बाद इसका वीडियो भी सामने आया, जिससे पूरे मामले पर बहस और तेज हो गई है।


