ईरान‑इजरायल युद्ध में न्यूक्लियर ठिकानों पर तमाचा, अब पीने के पानी का संकट भी चेतावनी


IRAN: ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध अब परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने के बाद और भी गंभीर रूप ले रहा है। दोनों तरफ से डिमोना और बुशहर समेत मुख्य न्यूक्लियर साइटों को हमला करने की कोशिशें की जा रही हैं, जिससे अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी समेत विशेषज्ञों को रेडिएशन रिसाव का डर सताने लगा है। यह संघर्ष अब 27 दिनों से अधिक लंबा हो चूका है और हालात पहले से ज्यादा चिंताजनक नजर आ रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि संघर्ष का असर तेल की आपूर्ति और ऊर्जा बाजार पर तो पड़ा ही है, अब इससे पेयजल संकट की आशंका भी उभर रही है। गल्फ के देशों के अधिकांश हिस्सों में समुद्री पानी को पीने योग्य बनाने वाली डिस्लेशन प्लांट महत्वपूर्ण हैं। अगर युद्ध के कारण यह इंफ्रास्ट्रक्चर निशाना बनते हैं तो अरब और खाड़ी के आसपास के देशों में पानी की भारी कमी हो सकती है और यह लोगों की रोजमर्रा की ज़िंदगी को बड़ा झटका देगा।


