NCERT पुस्तक विवाद: PM मोदी भी नाराज़, CJI ने बताया न्यायपालिका को बदनाम करने जैसा अध्याय

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नई दिल्ली : NCERT की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब में शामिल एक विवादित अध्याय ने राष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। इस अध्याय में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ जैसे मुद्दों को शामिल किए जाने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस विषय पर गहरी नाराज़गी जताई है। उन्होंने पूछा है कि ऐसे विषय बच्चों को पढ़ाने लायक क्यों दिये जा रहे हैं और इस पर ज़िम्मेदारी तय किए जाने पर ज़ोर दिया है। उनकी टिप्पणियों में यह भी सवाल उठाया गया कि आखिर कौन देख रहा है ये सब।

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सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए इस अध्याय को गंभीर माना है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की बेंच ने कहा है कि कोई भी संस्था न्यायपालिका की प्रतिष्ठा को बदनाम नहीं कर सकती। कोर्ट ने विवादित अध्याय वाली किताब पर पूरे भारत में पाबंदी लगा दी है और सभी प्रतियों को जब्त कराना शुरू कर दिया है।

NCERT ने इस विवाद पर माफ़ी भी मांगी है और कहा है कि यह एक गलती और निर्णय की त्रुटि थी। संगठन ने किताब को अपनी वेबसाइट से हटा दिया है और सभी प्रिंटेड प्रतियों को वापस बुलाने का काम शुरू कर दिया है। साथ ही यह आश्वासन दिया है कि किताब को फिर से तैयार किया जाएगा और सही सलाह लेकर नए सिरे से जारी किया जाएगा।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने भी कहा है कि न्यायपालिका का सम्मान सरकार के लिए सर्वोच्च है और ऐसी कोई मंशा नहीं थी कि इसे किसी प्रकार का अपमान लगे। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी।

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सुप्रीम कोर्ट ने NCERT के डायरेक्टर और शिक्षा सचिव को भी नोटिस जारी किया है और पूछा है कि इस तरह का अध्याय कैसे शामिल हुआ। अगली सुनवाई 11 मार्च को होने वाली है।

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