नीट छात्रा मौत कांड में बड़ा खुलासा, हॉस्टल में रहता था मनीष


पटना: पटना के शंभू हॉस्टल में नीट छात्रा मौत मामले में गिफ्तार हॉस्टल मकान मालिक मनीष रंजन पर सेक्स रैकेट चलाने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि वह लड़कियों के हॉस्टल में ही ऊपरी तल्ले पर रहता था। उसका आपराधिक इतिहास भी है। पुलिस अब हॉस्टल के संचालिका शंभू अग्रवाल की पत्नी नीलम अग्रवाल और उनके दो बेटों की तलाश कर रही है। घटना के बाद से सभी फरार है। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने उसे पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की मांग की है। यह भी कहा है कि वह बड़े रसूखदारों को लड़कियों की सप्लाई भी करता था।मनीष मूल रूप से जहानाबाद के मखदूमपुर इलाके का रहने वाला है। 2020 में वह पटना आया और एक प्राइवेट अस्पताल में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी के तौर पर काम करने लगा, जहां उसे 15,000 रुपये महीने की सैलरी मिलती थी। उस समय, उसकी इनकम से मुश्किल से उसके परिवार का खर्च चलता था और उसके नाम पर कोई खास प्रॉपर्टी रजिस्टर्ड नहीं थी।लेकिन आज, पांच साल बाद, उसी मनीष के पास पटना में करोड़ों की एक बिल्डिंग है, जिसमें वो लड़कियों का हॉस्टल चलता है। जांच में यह भी पता चला कि जहानाबाद में भी उसके नाम पर जमीन और प्रॉपर्टी है।पुलिस जांच में पता चला कि नौकरी के दौरान मनीष का कोई और बड़ा बिजनेस नहीं था। हालांकि COVID-19 महामारी के दौरान जब ऑक्सीजन सिलेंडरों की भारी कमी थी, तो मनीष ने एक ऑक्सीजन एजेंसी शुरू की। माना जाता है कि यह उसका पहला बड़ा बिजनेस था।
अब जांच इस बात का पता लगाने पर केंद्रित है कि क्या एजेंसी का सरकारी सप्लाई से कोई संबंध था। क्या मनीष ने बड़े पैमाने पर प्राइवेट अस्पतालों को सिलेंडर सप्लाई किए? सप्लाई किए गए सिलेंडरों के लिए पेमेंट किस चैनल से किया गया और पैसा किन अकाउंट में गया? अगर ऑक्सीजन सरकारी माध्यम से सप्लाई की गई थी, तो टेंडर, लाइसेंस और परमिट की भी जांच की जाएगी। जांच टीम प्राइवेट सप्लाई से जुड़े बिलिंग और बैंकिंग ट्रांजैक्शन पर ध्यान दे रही है।




