VIT यूनिवर्सिटी रणभूमि में बदला, बस-एंबुलेंस आग के हवाले,


मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के आष्टा तहसील में स्थित VIT यूनिवर्सिटी के कैंपस में दूषित पानी और भोजन से पीलिया (जॉन्डिस) की बीमारी फैलने के आरोपों के बाद मंगलवार रात छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा. करीब 3,000 से 4,000 छात्रों ने प्रदर्शन किया. यही नहीं सुरक्षा कर्मियों पर हमला भी किया गया. साथ ही वाहनों में आगजनी और कैंपस में तोड़फोड़ की भी खबरें आ रही हैं. फिलहाल, पुलिस ने स्थिति पर काबू पा लिया है, लेकिन मामला अभी भी गर्म है. प्रबंधन ने मौत की अफवाहों का खंडन किया है, जबकि उच्च शिक्षा विभाग ने जांच टीम भेजने का ऐलान किया है. उधर, VIT प्रबंधन ने 8 दिसंबर तक बच्चों की छुट्टियां घोषित की हैं.छात्रों का चौंकाने वाला आरोप है कि कॉलेज में परोसा जा रहा खराब भोजन और दूषित पानी पीलिया और अन्य बीमारियों की असली वजह है। दावा है कि कई छात्र गंभीर रूप से बीमार पड़े और कुछ की जान भी चली गई। लगभग 100 छात्र अलग-अलग अस्पतालों आष्टा, सीहोर और भोपाल में भर्ती कराए गए हैं। छात्रों के अनुसार शिकायत करने पर प्रबंधन ने कोई कार्रवाई नहीं की, उल्टा मामले को दबाने की कोशिश की।हॉस्टल में लगातार बिगड़ रही व्यवस्था पर छात्रों ने जब शांतिपूर्ण विरोध किया, तो कहानी और काली हो गई। छात्रों का कहना है कि हॉस्टल वार्डन और गार्ड्स ने प्रोटेस्ट रोकने के लिए उनसे मारपीट की और धमकाया। यूनिवर्सिटी प्रशासन के पास जाने पर भी कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसी से छात्रों का गुस्सा नियंत्रण से बाहर हो गया और माहौल हिंसक हो गया।बगैर किसी योजना के छात्र स्वतः संगठन की तरह इकट्ठा होते गए और देखते-देखते लगभग चार हजार छात्र विरोध स्थल पर पहुंच गए। गुस्से और आक्रोश में जलती भावनाओं ने पूरा परिसर दहला दिया। बस और एंबुलेंस को आग के हवाले कर दिया गया। गाड़ियों के शीशे तोड़े गए। हॉस्टल और कैंपस के कई हिस्सों को बुरी तरह नुकसान पहुंचा। रात भर घंटों तक परिसर दहलता रहा और धुएं ने आसमान को घेर लिया।जैसे ही घटना की सूचना प्रशासन तक पहुंची, आष्टा SDM नितिन टाले, SDOP आकाश अमलकर सहित आष्टा, जावर, पार्वती, कोतवाली और मंडी थाना क्षेत्रों से भारी पुलिस बल तत्काल कॉलेज पहुंचा। पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए लगातार बातचीत और समझाइश का सहारा लिया। प्रशासन ने हालात शांत करने के लिए पूरी रात कैंपस में डेरा डाले रखा। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है और परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात है।एसपी दीपक शुक्ला ने बताया कि स्थिति अब सामान्य है और वीआईटी कॉलेज में 30 नवंबर तक अवकाश घोषित किया गया है। कई छात्र घर लौट रहे हैं। आज कॉलेज प्रबंधन और छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रशासन की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें भोजन-पानी की गुणवत्ता, हॉस्टल व्यवस्थाओं और अस्पताल में भर्ती छात्रों से संबंधित पूरी रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी।




