हर नियुक्ति में 3-4 साल का इंतजार, टुकड़ों में रिजल्ट; कटऑफ तक नहीं हो रहा सार्वजनिक






रांची : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC की कई नियुक्ति प्रक्रियाओं में तीन से चार साल तक का समय लग रहा है। हजारों अभ्यर्थी आवेदन और परीक्षा देने के बाद लंबे समय तक रिजल्ट, कटऑफ और नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। कई मामलों में नियुक्ति पत्र बांटने और अभ्यर्थियों के योगदान के बाद भी कटऑफ और प्राप्तांक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। प्रभात खबर की पड़ताल में पांच प्रमुख नियुक्ति परीक्षाओं की टाइमलाइन में यही स्थिति सामने आई है। आयोग का कहना है कि कुछ अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र, अभिलेख या बायोमीट्रिक मिलान लंबित रहने के कारण परिणाम में बाद में संशोधन की संभावना रहती है।

महिला पर्यवेक्षिका नियुक्ति का रिजल्ट अगस्त 2025 में जारी हुआ था, लेकिन एक साल बाद भी कटऑफ जारी नहीं हुआ है। 313 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसा हुई, जबकि 131 पदों का परिणाम अब भी लंबित है। जूनियर इंजीनियर नियुक्ति में 2021 से प्रक्रिया चल रही है। 2022 की परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के बाद रद्द हुई और 2023 में दोबारा प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन नियुक्ति अब भी अंतिम रूप से बंद नहीं हुई है। वहीं 1,373 माध्यमिक सहायक आचार्य पदों के लिए लगभग 850 अभ्यर्थियों की अनुशंसा हो चुकी है, फिर भी विषयवार कटऑफ जारी नहीं किया गया है।
26 हजार सहायक आचार्य नियुक्ति का रिजल्ट जुलाई 2025 से अलग-अलग चरणों में जारी हो रहा है और अब तक कई बार संशोधित व अतिरिक्त परिणाम निकाले जा चुके हैं। नियुक्ति के बाद जनवरी 2026 में कोर्ट के आदेश से कटऑफ जारी किया गया। दूसरी ओर 583 उत्पाद सिपाही पदों की भर्ती प्रक्रिया 2023 से जारी है। शारीरिक दक्षता, लिखित परीक्षा और मेडिकल जांच पूरी होने के बाद भी अंतिम परिणाम जारी नहीं हुआ है। लंबी प्रक्रिया और कटऑफ सार्वजनिक नहीं होने से अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ रही है और आयोग की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।


