दुर्गा पूजा से पहले बोनस पर वार्ता तेज, टाटा कमिंस में लगातार तीसरी बार 20 प्रतिशत मिलने की संभावना



जमशेदपुर : दुर्गा पूजा नजदीक आते ही शहर की औद्योगिक इकाइयों में बोनस को लेकर कर्मचारियों की उत्सुकता बढ़ गई है। टाटा स्टील और उससे जुड़ी कंपनियों में बोनस की घोषणा हो चुकी है, जबकि टाटा मोटर्स, टाटा कमिंस, टिमकेन, टीएसडीपीएल और टाटा स्टील कलर्स (पूर्व में टाटा ब्लूस्कोप) में इसे लेकर गतिविधियां तेज हैं। टाटा मोटर्स में प्रबंधन और यूनियन के बीच औपचारिक वार्ता और लगातार बैठकें चल रही हैं, हालांकि बातचीत अभी निर्णायक स्थिति तक नहीं पहुंची है। टिमकेन में भी बोनस और आगामी वर्षों के लिए नये फॉर्मूले पर वार्ता जारी है। मंगलवार की बातचीत में सहमति नहीं बन सकी। दोनों पक्ष दुर्गा पूजा से पहले सितंबर माह के वेतन के साथ बोनस राशि देने के उद्देश्य से वेतन बिल तैयार होने से पहले समझौते पर हस्ताक्षर का प्रयास कर रहे हैं।


टीएसडीपीएल में अभी आधिकारिक बोनस वार्ता शुरू नहीं हुई है। यूनियन सूत्रों के मुताबिक, विश्वकर्मा पूजा (17 सितंबर) के बाद बातचीत शुरू होगी। टाटा स्टील कलर्स में प्रबंधन नये फॉर्मूले पर समझौता चाहता है, जबकि यूनियन इसके कई बिंदुओं से असहमत है और पुराने पैटर्न पर बोनस समझौते के पक्ष में है। कर्मचारियों का तर्क है कि बीते वित्तीय वर्ष में प्लांट ने उत्पादन और बिक्री (डिस्पैच) में ऑल-टाइम रिकॉर्ड बनाया है, इसलिए बेहतर बोनस मिलना चाहिए। अब तक तीन दौर की वार्ता हो चुकी है और सूत्रों के अनुसार गतिरोध दूर होने में 10 से 15 दिनों का समय लगने की संभावना है। कंपनी के बोनस फॉर्मूले में उत्पादन के लिए 9, मुनाफे के लिए 8 और बीआइएस (क्वालिटी) के लिए 3 प्वाइंट तय हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में एओपी के तहत 1 लाख 52 हजार 386 इंजन उत्पादन, 603 करोड़ रुपये मुनाफा और 550 पीपीएम बीआइएस का लक्ष्य था। यूनियन सूत्रों के अनुसार उत्पादन लक्ष्य पूरा होने के कारण लगातार तीसरी बार अधिकतम 20 प्रतिशत बोनस मिलने की संभावना है। 2025 में कंपनी के 773 कर्मचारियों के बीच 9 करोड़ 3 लाख रुपये बोनस बांटा गया था, जिसमें अधिकतम 1,41,537 रुपये और न्यूनतम 74,968 रुपये मिले थे।


