राज्य कर्मियों का वेतन रोका जाना अमानवीय – महासंघ

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Saraikela : झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रान्तीय सम्मानित अध्यक्ष विमल कुमार सिंह एवं प्रान्तीय संयुक्त सचिव प्रणव शंकर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि राज्य के लगभग ढाई लाख सरकारी कर्मचारियों एवं अधिकारियों के माह  मार्च 26 का वेतन नहीं दिया जाना एक अमानवीय कृत्य है. महासंघ घोटाला अथवा घोटालेबाजों का समर्थन कतई नहीं करता, उसपर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो. परन्तु घोटाला के नाम पर ढाई लाख सरकारी कर्मियों का वेतन रोका जाना कतई जायज नहीं ठहराया जा सकता है. ज्ञातव्य हो कि माह मार्च के वेतन से ही कर्मचारियों के बच्चों के नामांकन, किताब -कापियों की खरीदारी, स्कूल फीस का भुगतान करना पड़ता है. वेतन नहीं मिलने से बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है, बहुत सारे कर्मचारी को बैंक एवं अन्य वित्तीय संस्थानों से लिए गए कर्ज का भी समय पर भुगतान नहीं करने पर उन्हें वित्तीय हानि उठानी पड़ सकती है. महासंघ ने यह भी कहा है कि किसी भी माह में 5 तारीख तक वेतन भुगतान  नहीं होने पर उस माह में जमा किए गए GPFकी राशि पर देय ब्याज नहीं देने का प्रावधान है. इस प्रकार मार्च 26 का वेतन अवरुद्ध रहने से राज्य के ढ़ाई लाख सरकारी कर्मचारियों एवं अधिकारियों को काफी वित्तीय हानि उठानी पड़ रही है. महासंघ ने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि इस मामले में अविलंब संज्ञान लिया जाए एवं अवरुद्ध वेतन का भुगतान शीध्र कराया जाए, अन्यथा बाध्य हो कर राज्य के ढ़ाई लाख सरकारी कर्मचारी एवं अधिकारी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.

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