फर्जी ई-मेल से वोटरों को बनाया जा रहा निशाना, चुनाव आयोग ने जारी की चेतावनी

झारखंड : राज्य में एसआईआर प्रक्रिया के नाम पर मतदाताओं को फर्जी ई-मेल भेजकर ठगी की कोशिश की जा रही है। इन ई-मेल में दावा किया जा रहा है कि मतदाता सूची में विसंगतियां मिलने के कारण संबंधित व्यक्ति का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। नाम दोबारा जुड़वाने के लिए ई-मेल में दिए गए लिंक पर क्लिक कर व्यक्तिगत जानकारी और दस्तावेज जमा करने को कहा जा रहा है। चुनाव आयोग ने ऐसे ई-मेल को भ्रामक बताते हुए लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिला निर्वाचन पदाधिकारी या निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी की ओर से इस तरह ई-मेल भेजकर प्रमाण-पत्र जमा करने के लिए नहीं कहा जा रहा है। मतदाताओं को संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने और अपनी व्यक्तिगत जानकारी, ओटीपी या दस्तावेज साझा नहीं करने की सलाह दी गई है। एसआईआर से संबंधित सत्यापन और दस्तावेज जमा करने के लिए संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) से संपर्क करने या ऑनलाइन माध्यम के रूप में ई-सीनेट पोर्टल का इस्तेमाल करने को कहा गया है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने चार नवंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें चार नवंबर को राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ और बीएलए-2 की पांचवीं बैठक तथा चुनाव पाठशाला के आयोजन को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने दो बार नोटिस दिए जाने और घर-घर जाकर दस्तावेज जुटाने के प्रयास के बावजूद आवश्यक कागजात नहीं देने वाले मतदाताओं की सूची की समीक्षा करने का निर्देश दिया। साथ ही एक से 12 नवंबर तक मतदान केंद्र क्षेत्रों में होम टू रोल विजिट कराने और पात्र भारतीय नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।


