ऑटिज्म जागरूकता दिवस पर अनोखी पहल, बच्चों को बिना दबाव सीखने का मौका


जमशेदपुर : विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस के अवसर पर टाटा स्टील फाउंडेशन (TSF) ने ‘सबल-ज्ञानोदय’ केंद्र में विशेष बच्चों के लिए “डे विदाउट डिमांड्स” नामक अनोखी पहल का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ऑटिज्म से ग्रसित बच्चों को किसी भी तरह के निर्देश, अपेक्षा या प्रदर्शन के दबाव से पूरी तरह मुक्त रखते हुए उन्हें स्वाभाविक माहौल में सीखने का अवसर देना था। इस पहल ने पारंपरिक शिक्षा पद्धति से अलग एक संवेदनशील और समझ आधारित दृष्टिकोण को सामने रखा।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को सॉफ्ट प्ले मटेरियल, कागज, रंग, मिट्टी और अन्य रचनात्मक सामग्री दी गई, ताकि वे अपनी रुचि के अनुसार गतिविधियों में शामिल हो सकें। बच्चों ने बिना किसी दबाव के खेलते, चित्र बनाते और अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए समय बिताया। इस दौरान शिक्षकों और विशेषज्ञों ने केवल सहयोगी और पर्यवेक्षक की भूमिका निभाई, जिससे बच्चों को स्वतंत्र रूप से खुद को व्यक्त करने का अवसर मिला।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की गतिविधियां ऑटिज्म से ग्रसित बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए बेहद जरूरी होती हैं। यह पहल न केवल बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में मदद करती है, बल्कि समाज को भी यह संदेश देती है कि ऐसे बच्चों को समझ, धैर्य और सहयोग की आवश्यकता होती है, न कि दबाव की। इस कार्यक्रम को अभिभावकों और विशेषज्ञों द्वारा सराहा गया और इसे समावेशी शिक्षा की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना गया।


