बालू के अवैध उत्खनन पर प्रशासन के प्रयास को विफल करने में जुटे है जिले के दो थानेदार, एसडीएम के आदेश के बावजूद बेखौफ होकर बालू चोरी करते रहे माफिया, एसडीओ के आदेश पर बालू घाटों पर पहुंची पुलिस, लेकिन एक घंटे बाद पुन: शुरू हो गया अवैध उत्खनन, पसंदीदा जिले में जाने की भीड़ा रहे पैरवी…

0
Advertisements

आदित्यपुर:- इन दिनों जिले में चर्चा जोरो पर है कि किसी दिन भी तीन से अधिक सालों से जिले में जमे पुलिस पदाधिकारियों को जिला बदला जा सकता है। इस चर्चा के बीच जिले के दो थाना ऐसा रहा जहां बालू के अवैध उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर बालू घाटों पर सेल्फी लेने तक सीमित कर लिया। जबकि थानेदार के जाते ही वहां बोरा में भर भर कर बालू की चोरी पुन: शुरू हो गयी। बता दें कि मंगलवार को सरायकेला एसडीएम पारूल सिंह के निर्देश पर अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न थाना क्षेत्र में बालू के अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन के खिलाफ छापेमारी की गयी। सरायकेला पुलिस और गम्हरिया पुलिस को बालू के अवैध उत्खनन पर बालू भी मिला और ट्रैक्टर भी। लेकिन आरआइटी और आदित्यपुर थाना क्षेत्र में थानेदार की नजर से देखें तो यहां बालू का अवैध उत्खनन नहीं हो रहा है। लेकिन वस्तुस्थिति कुछ और ही बयां कर रही है। एसडीएम के कार्रवाई के निर्देश के पश्चात् हमने आदित्यपुर व आरआइटी थाना क्षेत्र के बालू घाटों पर जाकर देखा तो पाया कि यहां बेरोकटोक बालू का अवैध उत्खनन पुलिस की मिलीभगत से माफिया कर रहे है। यहां दैनिक मजदूरों को प्रति टेंपो 15 सौ रूपये की दर से बोरे के माध्यम से नदी से बालू निकाल भंडारण करवाया जा रहा है, इसके बाद बालू को छोटा हाथी में लोड कर प्रति गाड़ी 4 हजार बेचा जा रहा है। इसमें प्रतिगाड़ी थानेदार को कमिशन तक जाता है। हमारी टीम बालू घाट से ही आदित्यपुर थानेदार राजन कुमार को सूचना दिया कि एसडीएम के निर्देश पर आज कार्रवाई हो रही है और आपके थाना क्षेत्र में बालू का अवैध उत्खनन हो रहा है, यहां उत्खनन करनेवाले कह रहे है कि पुलिस से बात कर यहां बालू उठाया जा रहा है, पुलिस को सूचना देने के बाद काफी देर तक मौके पर हम रूके रहे और पुलिस का इंजतार किया लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची और बालू का अवैध उत्खनन बेरोकटोक जारी रहा। अब बात करते है आरआइटी थाना क्षेत्र की तो यहां भी हाल कुछ इसी तरह का रहा। सुबह सुबह थानेदार पुलिस बल के साथ बालू घाट पर ऐसा धावा बोला कि लगा बालू माफिया को आज छट्ठी का दुध याद आ जाएगा, लेकिन थानेदार बस वहां सेल्फी ली और तस्वीरों को मीडियाकर्मियों को भेज अपनी बाहवाही बटोर ली। लेकिन जमीनी हकिकत जब हमारी टीम देखने गयी तो वहां अवैध उत्खनन का खेल बेरोकटोक चल रहा था, जमा बालू को छोटा हाथी में लोड कर परिवहन भी किया जा रहा था।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements
Advertisements
https://bashisthaonline.in

प्रशासन की सख्ती के बाद भी इन दोनो थाना क्षेत्रों में आखिर कैसे चल रहा अवैध बालू का उत्खनन

See also  टाटा स्टील का दूसरी तिमाही में बेहतर प्रदर्शन, उत्पादन 10% और डिलीवरी 7% बढ़ी

बता दें कि बालू के अवैध उत्खनन पर जिला प्रशासन काफी सख्त है। एसडीएम पारूल सिंह के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम जीरो टॉलरेंस के तहत कार्रवाई कर रही है, लेकिन इनके प्रयासों के इन दो थानों मे तैनात भ्रष्ट थानेदार विफल करने में जुटे है। बता दें कि जमशेदपुर में इसी तरह के कई थानेदार पर बालू के अवैध उत्खनन के आरोप में निलंबन तक की कार्रवाई हो चुकी है, अब आगे यह देखना है कि बालू के अवैध खेल में शामिल इन पुलिस पदाधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है।

पसंदीदा जिले में भीड़ा रहे पैरवी

इन दिनों पुलिसकर्मियों के जिला बदलने की चर्चाओं के बीच इस जिले के मलाईदार थानों में पदस्थापित पुलिसकर्मी सोर्स पैरवी भीड़ाकर अपने पसंद के जिले में जाने की जुगत भीड़ा रहे है। इन थानेदारों के पास काली कमाई का इतना पैसा है कि दावा करते देखे जा रहे है कि बगल के जिला पूर्वी सिंहभूम में पोस्टिंग करा लेंगे, अब आगे देखना है कि क्या पुलिस सुत्रों के बीच चल रहे चर्चाओं में इन थानेदारों पैरवी कहां तक काम आती है।

About The Author

Thanks for your Feedback!

You may have missed