बड़े साजिश के शिकार हुए उद्यमी विनोद देबुका, एससी/एसटी एक्ट के मामले में पुलिस ने किया गिरफ्तार, पूर्व में दर्ज केस न्यायालय से खारिज हो चुका था केस, दुसरी बार पुन: इसी साल दर्ज कराया गया प्राथमिकी, बीती रात नाटकीय ढंग से हुए गिरफ्तार…

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जमशेदुपर / सरायकेला:- इन दिनों सरायकेला पुलिस अपने एक से बढ़कर एक कारनामें के लिए प्रचलित हो रही है। ताजा मामला शहर के एक प्रतिष्ठित उद्यमी की गिरफ्तारी के बाद चर्चा में आया है। उद्यमी विनोद देबुका को सरायकेला पुलिस ने बीती रात नाटकीय ढंग से उनके कदमा एयरबेस कॉलोनी स्थित आवास से उठा लिया। जिसके बाद जमीन खरीद में हुए विवाद के बाद जमीन मालिक के रिश्तेदारों द्वारा लगाया गया एससी/एसटी एक्ट में उन्हे गिरफ्तार कर कर लिया गया। उनकी तबियत बिगड़ने के बाद उन्हे मेडिकल के लिए भेजा गया है। इसके बाद उन्हे जेल भेजा जाएगा। इधर इस गिरफ्तारी के बाद आम उद्यमियों में एक भय का वातावरण कायम हो चुका है। उद्यमी इन दिनों झारखंड में उद्योग धंधे चलाने को लेकर भयभीत दिख रहे है। उद्यमी यह चर्चा कर रहे है कि भयादोहन के नीयत से कब उन्हे किसी मामले में फंसाकर जेल भेज दिया जाएगा, इसका कोई गारंटी नहीं है। वहीं उद्यमी विनोद देबुका की गिरफ्तारी के खिलाफ उद्यमी सरकार स्तर तक जांच की मांग और जिला पुलिस के खिलाफ आंदोलन की रणनीति बना रही है। हैरत की बात है कि जिस मामले में विनेाद देबुका को जेल भेजा गया है वह मामला दो बार कोर्ट में एफआरटी हो चुका है। पुन: तीसरी बार प्राथमिकी दर्ज कर उन्हे षडयंत्र के तहत फंसाया गया है। इस षडयंत्र में शहर के एक बड़े उद्योगपति का नाम सामने आ रहा है, जिसकी रांची तक पहुंच बतायी जा रही है।

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    क्या है मामला

    चांडिल थाना क्षेत्र निवासी दुमका सिंह सरदार ने इसी साल जुलाई में तीसरी बार विनोद सिंह दुबुका, चितरमल धुत पर उनकी जमीन कब्जाने का आरोप लगाया। दर्ज प्राथमिकी में बताया कि 15 या 16 मार्च को वे अपनी जमीन की तरफ से गुजर रहे थे तो देखा कि उनकी जमीन पर घेराबंदी की जा रही है। जब घेरने का कारण पुछा तो बताया कि उनके भाई गणेश सिंह से उक्त जमीन को वर्ष 2011 में केवाला के माध्यम से खरीदा है, जिसपर दुमका सिंह मुंडा ने खुद और दो बहन सुंदरी और भानु के हिस्से की बात की, जिसपर उनके साथ जाति सूचक गाली-ग्लौज और धमकी दी गयी। आरोप लगाया कि उनके भाई से दो करोड़ रूपये में जमीन खरीद की बात कह महज 21 लाख में निंबधन करा लिया है।

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    2021 में दर्ज केस का हो चुका है एफआरटी, पुन: इसी मामले गिरफ्तारी पर उठे सवाल

    पीड़ित द्वारा वर्ष 2021 में भी केस किया गया था, चांडिल थाना कांड संख्या 87/21 एफआरटी हो चुका है। इसी मामले को पुन: चांडिल थाना में कांड संख्या 153/23 के तहत दर्ज किया गया। इसी मामले में अनुसंधान किया गया और केस को सत्य करते हुए गिरफ्तारी वारंट कोर्ट से जारी हो गया। जिसके बाद बीती रात इनकी गिरफ्तारी हुई है।

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