ब्रह्मेश्वर मुखिया के 14वें शहादत दिवस पर निकली श्रद्धांजलि रैली, युवा मंच ने किया नमन

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सरायकेला: अखिल भारतीय ब्रह्मर्षि युवा मंच, सरायकेला की ओर से सोमवार को ब्रह्मेश्वर मुखिया के 14वें शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि सभा और भव्य रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत शहर में रैली निकालकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए, जबकि एशिया भवन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में समाज के लोगों ने उनके योगदान और विचारों को याद किया।

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि क्रांतिकारी व्यक्तित्व कभी समाप्त नहीं होते, बल्कि उनके विचार पीढ़ियों तक समाज का मार्गदर्शन करते रहते हैं। वक्ताओं ने ब्रह्मेश्वर मुखिया को अन्याय और हिंसा के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक बताते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

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कार्यक्रम में ब्रह्मर्षि समाज के अध्यक्ष कैप्टन आर.पी. सिंह, संरक्षक उपेंद्र शर्मा, प्रेम कुमार सिंह, दीपू कुमार सिंह, रमन सिंह, रंजीत शांडिल्य, युवा मंच के महासचिव अशोक सिंह, संरक्षक ठाकुर लालबाबू सिंह, पूर्वी सिंहभूम अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह, महासचिव जय कुमार, कोषाध्यक्ष निवास सिंह, युवा मंच अध्यक्ष गौरव राज, पार्षद सुधीर चौधरी, सरायकेला अध्यक्ष प्रिय रंजन, उपाध्यक्ष मुकेश कुमार और कार्यकारी अध्यक्ष कमल नयन समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। स्वागत भाषण मुकेश कुमार ने दिया जबकि मंच संचालन विमल सिंह कुमार ने किया।

युवाओं ने रखा मुखिया के जीवन और संघर्ष पर प्रकाश

श्रद्धांजलि सभा में युवा वक्ता रितिक सिंह ने ब्रह्मेश्वर मुखिया के जीवन और संघर्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 1990 के दशक में बढ़ती नक्सली हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने वालों में ब्रह्मेश्वर मुखिया प्रमुख थे। उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों और अस्तित्व की रक्षा के लिए संगठित होने का आह्वान किया था।

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दीपेंद्र कुमार ने मुखिया के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने समाज में साहस और आत्मसम्मान की भावना को मजबूत किया। वहीं वीरेंद्र सिंह ने उन्हें दृढ़ इच्छाशक्ति वाला व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि उन्होंने जीवनभर सामाजिक नैतिकता और न्याय के लिए संघर्ष किया।

समाज और सम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष का संदेश

सभा में वक्ताओं ने कहा कि ब्रह्मेश्वर मुखिया ने समाज के कमजोर और पीड़ित वर्गों की सुरक्षा तथा सम्मान की रक्षा के उद्देश्य से संघर्ष का रास्ता चुना। दीपू सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं था, बल्कि समाज में सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना था।

युवा मंच पूर्वी सिंहभूम के अध्यक्ष गौरव राज ने कहा कि ब्रह्मेश्वर मुखिया केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा और संघर्ष का प्रतीक थे। उपेंद्र शर्मा ने उन्हें समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए अन्याय के विरुद्ध एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया।

बड़ी संख्या में लोग रहे उपस्थित

श्रद्धांजलि सभा में प्रेम कुमार निर्मल, अमरनाथ ठाकुर, संजीव सिंह, नरेंद्र चौधरी, जतन सिंह, कुमुद रंजन, विनोद सिंह सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने सामाजिक एकता, न्याय और समाजहित के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

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