रेगिस्तान में 300 KM प्रति घंटे की रफ्तार से भागेगी ट्रेन

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सऊदी: सऊदी अरब और कतर ने सोमवार, 8 दिसंबर को एक बड़ी डील कर ली. अब इन खाड़ी देशों की राजधानियों को एक हाई-स्पीड रेल से जोड़ा जाएगा और अब इसके निर्माण के लिए दोनों देशों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए है. यह डील अपने आप में खास है क्योंकि यह उन दोनों देशों के बीच बेहतर संबंधों का नवीनतम संकेत है जिनके बीच कभी गहरे मतभेद थे. सऊदी प्रेस की तरफ से जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, “हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक पैसेंजर रेलवे” रियाद और दोहा को जोड़ेगा.सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी की रियाद यात्रा के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, यह हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक पैसेंजर रेलवे 300 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति तक पहुंचेगी। इसका मतलब है कि ट्रेन द्वारा दोनों राजधानियों के बीच की यात्रा में लगभग दो घंटे का समय लगेगा।यह एक बड़ी उपलब्धि है, खासकर जब रियाद और दोहा के बीच सीधी फ्लाइट में भी लगभग 90 मिनट लगते हैं। उम्मीद है कि ट्रेन के रूट में सऊदी के शहर अल-होफुफ़ और दम्मम भी शामिल होंगे।आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस महत्वाकांक्षी हाई-स्पीड ट्रेन प्रोजेक्ट को 6 साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना से हर साल लगभग 1 करोड़ यात्रियों को दोनों देशों के बीच आने-जाने की सुविधा मिलने की उम्मीद है। यह डील न केवल दोनों देशों के बीच व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि खाड़ी क्षेत्र में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के एक नए अध्याय की शुरुआत भी करेगी।यह डील इसलिए भी खास है क्योंकि सऊदी अरब और उसके सहयोगी देश (यूएई, बहरीन और मिस्र) ने जून 2017 में कतर के साथ अपने सभी राजनयिक संबंध तोड़ दिए थे। उन पर कट्टरपंथी इस्लामवादियों का समर्थन करने और ईरान के साथ घनिष्ठ संबंध रखने का आरोप लगाया गया था।

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