बंद जलापूर्ति योजनाओं को लेकर आंदोलन की तैयारी, 15 नवंबर को सम्मानित होंगे झारखंड आंदोलनकारी

बोकारो : बोकारो जिले के पेटरवार और कसमार प्रखंड के झारखंड आंदोलनकारियों ने बंद पड़ी जलापूर्ति योजनाओं को दोबारा शुरू कराने के लिए आंदोलन करने का निर्णय लिया है। गुरुवार को पेटरवार स्थित विवाह मंडप में पंचानन महतो की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में क्षेत्र की जनसमस्याओं पर चर्चा हुई। बैठक को संबोधित करते हुए झारखंड आंदोलनकारी एवं भाकपा के जिला सचिव इफ्तेखार महमूद ने पेयजल संकट का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि नौ सितंबर 2026 को तेनुघाट में पेयजल की मांग को लेकर जनप्रदर्शन किया गया था। इसके बाद विभागीय मंत्री ने रांची में बैठक कर 15 दिनों के भीतर तेनुघाट प्रमंडल की सभी लंबित और बंद जलापूर्ति योजनाओं पर काम शुरू कराने का निर्णय लिया था।

इफ्तेखार महमूद ने कहा कि एक महीने से अधिक समय गुजरने के बावजूद किसी भी बंद जलापूर्ति योजना पर काम शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने क्षेत्र की पेयजल समस्या के समाधान के लिए आंदोलन करने का आह्वान किया। बैठक के दौरान भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के चर्चित नेता मंगल सिंह ओहदार और वरिष्ठ श्रमिक नेता शफीक खान को श्रद्धांजलि भी दी गई। झारखंड आंदोलनकारी कल्याण संघ के उपाध्यक्ष उमाचरण रजवार, महासचिव महेंद्र मुंडा और कोषाध्यक्ष चुंबन महतो ने भी अपने विचार रखे।
बैठक में आगामी 15 नवंबर को समारोह आयोजित कर झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम में किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं महासचिव केडी सिंह, पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता और एटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेंद्र कुमार सहित अन्य नेताओं के शामिल होने की बात कही गई। बैठक में उमेश महतो, बढ़न राम महतो, सूरज नाथ महतो, आनंद कुमार सिन्हा समेत कई झारखंड आंदोलनकारी मौजूद रहे।


