प्रिंसिपल था खुन्नस, छात्रों की बलि चढ़ाने की रच डाली साजिश, झारखंड के एक तकनीकी संस्थान में कलयुगी गुरु की हरकत से शर्मसार हुआ शिक्षा जगत

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खरसावां:- गुरु और शिष्य का रिश्ता एक पवित्र और महत्वपूर्ण संबंध है जो ज्ञान, मार्गदर्शन और आध्यात्मिक विकास आधारित होता है। लेकिन झारखंड राज्य के सरायकेला खरसावां जिले एक खरसावां पॉलिटेक्निक कॉलेज में एक कलयुगी गुरु की हरकत ने शिक्षा जगत को शर्मसार कर दिया है। मामला कॉलेज में बीते दिनों प्रचार्य उमेश कुमार के खिलाफ छात्रों द्वारा प्रताड़ना की शिकायत से जुड़ा है। इस पूरे प्रकरण की स्क्रिप्ट इसी कॉलेज के एक शिक्षक उत्तम कुमार ने रची थी। पहले छात्रों को आंतरिक परीक्षा से संबंधित जानकारियों को छुपाया, तिथि की घोषणा नहीं की। जो बच्चे अपने कॉपी को सबमिट किया, उन्हें कम नंबर देखकर फेल कर दिया। जब छात्र शिक्षक से जानकारी हासिल किया तो पूरा दोष प्रचार्य पर मढ़कर छात्रों को प्राचार्य के खिलाफ भड़का दिया। शिक्षक ने छात्रों से एक लेटर बनवाकर उच्च तकनीकी शिक्षा के प्रधान सचिव, सरायकेला उपायुक्त, एसपी को शिकायत करवाया। क्षेत्रीय विधायक को दिग्भ्रमित कर रांची तक मामला शिफ्ट करवा दिया। दूसरे ओर शिक्षक की कठपुतली की तरह छात्र उत्तम कुमार के बताए बातों पर प्राचार्य के खिलाफ आंदोलन की रणनीति बनाते रहे। पूरे मामले की मीडिया में सुर्खिया बनाई गई। लेकिन अब वायरल ऑडियो ने उक्त शिक्षक के कारनामे की पोल खोल दिया है। लिहाजा अब प्राचार्य के खिलाफ गोलबंद हुए छात्र अब जांच पदाधिकारी (एसडीओ) के समक्ष अपनी समस्याओं को बताने से परहेज कर रहे है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुरे प्रकरण में एक शिक्षक उत्तम कुमार का नाम सामने आ रहा है। जिन्होनें बच्चों को प्रचार्य के खिलाफ गोलबंद करते हुए शिकायत दर्ज करवायी थी। कई छात्रों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उन्हे शिक्षक द्वारा बताया गया था कि प्रचार्य साजिशन फेल करवा रहे है। जबकि उसी शिक्षक के द्वारा बच्चों के आंतरिक परीक्षा में नम्बर नहीं दिया गया। दुसरी ओर बच्चों को प्रचार्य के खिलाफ भड़काया भी गया। शिक्षक उत्तम कुमार की करतुत के दर्जनों ऑडियो सामने आया है, जिसके बाद से कॉलेज में चल राजनीति का खुलासा हो रहा है। इधर मामले की जांच सरायकेला एसडीओ निवेदिता नियती कर रही है। उनके द्वारा कॉलेज जाकर भी जांच किया गया। लेकिन शिकायत करनेवाले बच्चे वहां मिले ही नहीं। वावजूद इसके एसडीओ बच्चो से संवाद का प्रयास कर रही है। लेकिन कोई भी शिकायतकर्त्ता बच्चे सामने नहीं आ रहे है। वहीं दुसरी ओर बच्चों को हथकंडा बनानेवाले शिक्षक उत्तम कुमार अब विभागीय जांच के दायरे में आ गये है।

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कौन है उत्तम कुमार, जिसपर लग रहा है कॉलेज में बच्चों राजनीति करने का आरोप

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उत्तम कुमार इसीसी संकाय के एचओडी है, प्रचार्य के रूप में उमेश कुमार के योगदान के पूर्व ये बड़े मजे में नौकरी करते थे। 20 साल से इसी कॉलेज में अस्थायी फैकल्टी के तौर पर कार्यरत है। उमेश कुमार के योदान देने के बाद इन्हे क्लास लेने के लिए अनिवार्य कर दिया गया। इसके अलावे कॉलेज के लैब व अन्य शैक्षणिक गतिविधियों को अनुशासित ढंग से संचालित करने के निर्देश दिये गये। इसके बाद शिक्षक उत्तम कुमार व अन्य ने प्रचार्य के खिलाफ साजिश रचना शुरू कर दिया। बच्चों को आंतरिक परीक्षा की जानकारी दिये बगैर उन्हे अनुपस्थित कर प्रचार्य के दबाव में ऐसा करने की बात कही गयी।

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