टाटा स्टील की खदानों  को मिले 12 प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सुरक्षा पुरस्कार, वर्ष 2017, 2018, 2019 और 2020 के लिए विज्ञान भवन, दिल्ली में पुरस्कारों का आयोजन

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नई दिल्ली/जमशेदपुर :- टाटा स्टील के रॉ मैटेरियल्स डिवीजन ने सुरक्षा अभ्यास में उत्कृष्टता के लिए वर्ष 2017, 2018, 2019 और 2020 के लिए विभिन्न श्रेणियों के तहत 12 राष्ट्रीय सुरक्षा पुरस्कार जीते हैं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में  भूपेन्द्र यादव, माननीय केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री, भारत सरकार तथा सम्मानित अतिथि के रूप में रामेश्वर तेली, केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री, भारत सरकार उपस्थित रहे। इस पुरस्कार समारोह का आयोजन विज्ञान भवन, नई दिल्ली में किया गया।

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इन पुरस्कारों को जीतने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डी बी सुंदर रामम, वाइस प्रेसिडेंट, रॉ मैटेरियल्स, टाटा स्टील ने कहा : “सर्वश्रेष्ठ सुरक्षा अभ्यासों के प्रति हमारे प्रयासों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होने पर हम गौरवान्वित हैं। सुरक्षा हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है और हम अपने सभी संचालन क्षेत्रों में सुरक्षा में निरंतर सुधार के प्रति प्रतिबद्ध हैं। हम अपनी खदानों और कोलियरी में सुरक्षा मानकों को और बेहतर बनाने के लिए डिजिटल इंटरवेंशन और इनोवेशन का लाभ उठाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। यह सम्मान हमें अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में और उसके आसपास सुरक्षा की संस्कृति को सुदृढ़ और समेकित करने के लिए प्रोत्साहित करता है।”

राष्ट्रीय सुरक्षा पुरस्कार (खदान) प्रतियोगिता वर्ष 2017 में, टाटा स्टील की सिजुआ कोलियरी को ‘माइन्स विद् लॉन्गेस्ट एक्सीडेंट फ्री पीरियड (एलएएफपी)’ श्रेणी में विजेता घोषित किया गया, जबकि टाटा स्टील की डिगवाडीह कोलियरी को उसी श्रेणी में उपविजेता ट्रॉफी से सम्मानित किया गया है। दोनों कठिन खनन स्थितियों वाले भूमिगत कोयला खदानों के अंतर्गत आते हैं तथा टाटा स्टील के अमैल्गमेटेड भेलाटांड कोलियरी को ‘लोवेस्ट इंजरी फ्रीक्वेंसी रेट पर लाख मैनशिफ्ट’ श्रेणी में उप-विजेता घोषित किया गया है।

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मेटल माइन्स-मैकेनाइज्ड ओपनकास्ट कैटेगरी में टाटा स्टील की जोडा ईस्ट आयरन ओर माइन को विजेता घोषित किया गया है, जबकि टाटा स्टील की नोआमुंडी आयरन ओर माइन को प्रतियोगिता वर्ष 2017 के लिए उपविजेता चुना गया है।

एक अन्य श्रेणी ‘लोवेस्ट इंजरी फ्रीक्वेंसी रेट पर लाख मैनशिफ्ट’ में, टाटा स्टील की भीमतनगर (सुकिंदा) क्रोमाइट खदान को 50,000 से कम मैनशिफ्ट वाले मेटल माइन्स-मैकेनाइज्ड ओपनकास्ट में विजेता घोषित किया गया है, जबकि टाटा स्टील की जोडा वेस्ट आयरन एंड मैंगनीज माइन को उसी श्रेणी में उपविजेता ट्रॉफी मिली है।

राष्ट्रीय सुरक्षा पुरस्कार (खदान) प्रतियोगिता वर्ष 2018 में, जोडा वेस्ट आयरन एंड मैंगनीज माइन को ‘लॉन्गेस्ट एक्सीडेंट फ्री पीरियड’ श्रेणी में उपविजेता घोषित किया गया। जोडा वेस्ट आयरन एंड मैंगनीज माइन को फिर से 50,000 से कम श्रेणी की मैन-शिफ्ट वाले मेटल माइन्स-मैकेनाइज्ड ओपनकास्ट

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