डॉक्टर की सलाह की अनदेखी से बिगड़ी गर्भस्थ शिशु की स्थिति, गर्भपात के बाद परिजनों ने किया हंगामा






आदित्यपुर: राजनगर निवासी करीब तीन माह की गर्भवती महिला के गर्भपात के बाद सोमवार को आदित्यपुर के सिद्धेश नर्सिंग होम में परिजनों ने हंगामा किया। महिला का पिछले कुछ समय से नर्सिंग होम में इलाज चल रहा था। वहीं, चिकित्सक ने उपचार में किसी तरह की लापरवाही से इनकार करते हुए कहा कि मरीज को समय-समय पर आवश्यक दवाएं, इंजेक्शन लेने और पर्याप्त आराम करने की सलाह दी गई थी।


जानकारी के अनुसार, नमिता डे, पति टिंकू डे, गर्भावस्था के दौरान चिकित्सकीय निगरानी में थीं। चिकित्सक के मुताबिक, अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के आधार पर गर्भस्थ शिशु की स्थिति को देखते हुए उन्हें नियमित इंजेक्शन लेने, दवाओं का सेवन करने और पर्याप्त आराम करने की सलाह दी गई थी। चिकित्सक का कहना है कि निर्धारित इंजेक्शन नियमित रूप से नहीं लिए गए और आराम की सलाह का भी पूरी तरह पालन नहीं किया गया। महिला के दोपहिया वाहन से आवागमन करने की बात भी चिकित्सक ने कही है।
बताया गया कि दो तारीख को अल्ट्रासाउंड कराने के बाद महिला बिना आगे की चिकित्सकीय सलाह लिए चली गई। इसके बाद 15 तारीख को अचानक दर्द और रक्तस्राव की शिकायत होने पर वह दोबारा नर्सिंग होम पहुंची। स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल भर्ती कर उपचार शुरू किया गया।
चिकित्सक के अनुसार, अस्पताल पहुंचने के समय तक गर्भस्थ शिशु की स्थिति गंभीर हो चुकी थी। उपचार के दौरान करीब तीन माह का भ्रूण बाहर निकल गया, जिसके बाद आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी की गई। उपचार के बाद महिला की हालत सामान्य बताई जा रही है।
इधर, घटना के बाद सोमवार सुबह महिला के परिजन नर्सिंग होम पहुंचे और हंगामा किया। हालांकि, चिकित्सक ने उपचार में किसी तरह की लापरवाही से इनकार किया है। उनका कहना है कि महिला को उपचार के दौरान आवश्यक चिकित्सकीय सलाह दी गई थी और निर्धारित दवाएं व इंजेक्शन लेने के साथ पर्याप्त आराम करने को कहा गया था।
चिकित्सक ने गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों से अपील की कि गर्भावस्था के दौरान चिकित्सकीय सलाह का गंभीरता से पालन करें। निर्धारित दवाएं और इंजेक्शन समय पर लें तथा पर्याप्त आराम करें। दर्द, रक्तस्राव या किसी अन्य परेशानी की स्थिति में बिना देरी किए चिकित्सक से संपर्क करें।


