टाटा स्टील ने अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस 2022 मनाया

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इस अवसर के उपलक्ष्य में खेल जगत के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया

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जमशेदपुर (संवाददाता ):- टाटा स्टील के स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट ने अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के उपलक्ष्य में आज एक इंटर-स्कूल बास्केटबॉल टूर्नामेंट के साथ ही अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया।टूर्नामेंट में कुल 27 टीमों ने भाग लिया। लड़कों के वर्ग के 17 टीमों में से दयानंद पब्लिक स्कूल विजेता रही जबकि केपीएस कदमा उपविजेता रही। लड़कियों के वर्ग में 10 टीमों ने भाग लिया, जिनमें केपीएस बर्मामाइंस विजेता रही और केपीएस कदमा उपविजेता रही।

इस अवसर पर खेल रत्न और पद्म श्री पुरस्कार विजेता ज्योतिर्मय सिकदर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और विजेताओं को सम्मानित किया। उन्होंने देश में खेलों के विकास की दिशा में टाटा स्टील के प्रयासों की प्रशंसा की और प्रतिभागियों को अपने शब्दों से प्रेरित किया। उन्होंने टाटा स्टील के कोचों, कैडेटों और अकादमियों और प्रशिक्षण केंद्रों के प्रशिक्षुओं के साथ भी बातचीत की। उन्होंने अपने शुरुआती दिनों, चुनौतियों और टूर्नामेंट के दौरान भारत सरकार से मिले समर्थन के बारे में बताया। उन्होंने प्रतिभागियों को अपने लक्ष्यों के प्रति कड़ी मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया, भले ही उनके आसपास के लोग उन्हें कुछ भी कहें।

खेल विभाग ने हॉकी लीजेंड फ्लोरिस जान बोवलैंडर के साथ टाटा स्टील के कोचों, कैडेटों और अकादमियों एवं प्रशिक्षण केंद्रों के प्रशिक्षुओं के लिए एक इंटरैक्टिव सत्र का भी आयोजन किया। उन्होंने तीन ओलंपिक और तीन विश्व कप में अपने देश (नीदरलैंड) का प्रतिनिधित्व किया है। चैंपियन बनने के लिए क्या करना पड़ता है, इस बारे में बात करते हुए, उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे छोटी जीत से कभी संतुष्ट न हों, बल्कि हमेशा बड़ी जीत के लिए प्रयास करें। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि एक एथलीट के लिए अपने प्राथमिक खेल से ब्रेक लेना और अपने प्रदर्शन और फोकस को बेहतर बनाने के लिए अन्य खेलों को आजमाना महत्वपूर्ण है।

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विश्व हैंडबॉल दिवस का जश्न मनाने के लिए, जो आज ही के दिन है, टाटा स्टील के खेल विभाग ने एक इंट्रा-ट्रेनिंग सेन्टर और अकादमी हैंडबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया। लड़कियों की श्रेणी में बास्केटबॉल प्रशिक्षण केंद्र विजेता रहा जबकि रोलर-स्केट प्रशिक्षण केंद्र उपविजेता रहा। लड़कों की श्रेणी में एथलेटिक्स ट्रेनिंग सेंटर विजेता रहा जबकि रोलर-स्केट ट्रेनिंग सेंटर उपविजेता रहा।

टाटा स्टील में “खेल जीवन का एक तरीका है” और कंपनी लगभग एक सदी से खेलों को बढ़ावा और प्रोत्साहन दे रही है। टाटा स्टील खेलों के कॉर्पोरेट प्रचार का नेतृत्व करती है और राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय दोनों मानकों के विभिन्न टूर्नामेंटों की मेजबानी करती रही है।

ओलंपिक में भारत की भागीदारी सर दोराबजी टाटा के कारण संभव हो सका, जो खुद एक एथलीट, विशेषज्ञ और एक अच्छे घुड़सवार भी थे। उन्होंने 1920 में एंटवर्प ओलंपिक के लिए राष्ट्रीय दल को वित्तपोषित किया और 1924 में आयोजित पेरिस ओलंपिक में भारत की भागीदारी पर होने वाले खर्च का कुछ हिस्सा वहन किया। भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) का गठन 1927 में किया गया था, जिसके पहले अध्यक्ष सर दोराबजी थे। आईओए ने एम्सटर्डम में आयोजित 1928 के ओलंपिक के लिए भारतीय टीम का चयन किया, जहां भारत ने हॉकी में स्वर्ण पदक जीता।

तब से, टाटा स्टील के वरिष्ठ नेतृत्व ने खेल को टाटा स्टील के कॉर्पोरेट दर्शन का एक अभिन्न अंग बनाने के संस्थापक के विज़न को साकार करने की दिशा में काम किया है। कंपनी ने खेलों की श्रृंखला को बढ़ावा देने और विकसित करने का प्रयास किया है और न केवल अपने संचालन क्षेत्रों में बल्कि उसके बाहर भी अत्याधुनिक खेल संरचनाओं की स्थापना की है। आज, देश के बहुत कम शहर खेल से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं का दावा कर सकते हैं, जो जमशेदपुर में मौजूद है।

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