झारखंड के सतत विकास के लिए सभी चैम्बर एक मंच पर, नीति निर्माण में उद्योग जगत की भागीदारी पर जोर

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जमशेदपुर :  सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री एवं फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को चैम्बर भवन में “झारखण्ड में अवसर एवं चुनौतियां : सतत एवं प्रतिस्पर्धी विकास पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में” विषय पर राज्य स्तरीय एकदिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में झारखण्ड के 19 जिलों के चैम्बरों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर राज्य के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास के रोडमैप पर विस्तृत मंथन किया।

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संगोष्ठी के मुख्य अतिथि टाटा स्टील के उपाध्यक्ष (कॉर्पोरेट सर्विसेज) डी.बी. सुंदरा रामम ने कहा कि झारखण्ड को केवल खनिज उत्पादक राज्य नहीं, बल्कि विनिर्माण एवं मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) आधारित औद्योगिक राज्य के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने जमशेदपुर में एयरपोर्ट निर्माण को क्षेत्र के औद्योगिक एवं व्यावसायिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि इससे कोल्हान क्षेत्र राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण बिजनेस हब के रूप में स्थापित होगा।

सिंहभूम चैम्बर के अध्यक्ष मानव केडिया ने स्वागत भाषण में कहा कि झारखण्ड गठन के बाद पहली बार राज्य के सभी चैम्बर एक मंच पर राज्य के भविष्य की दिशा तय करने के उद्देश्य से एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि अब सभी चैम्बर प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि सहयोगी बनकर कार्य करेंगे। संगोष्ठी से प्राप्त सुझावों को राज्य सरकार को सौंपा जाएगा, ताकि झारखण्ड के समग्र विकास के लिए प्रभावी नीतियां बनाई जा सकें। उन्होंने आयोजन में सहयोग देने वाले आईसीआईसीआई बैंक, बेबका टोयोटा, मेफेयर ग्रुप एवं दि हेरिटेज फूड (गणगौर स्वीट्स) का आभार व्यक्त किया।

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फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि राज्य आज विकास के निर्णायक दौर में है। झारखण्ड के 12 उत्पादों को मिले जीआई टैग, आईटी एवं औद्योगिक विकास की संभावनाएं तथा नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना राज्य को नई पहचान दिला सकती हैं। उन्होंने अगले दस वर्षों के लिए दीर्घकालिक औद्योगिक नीति बनाने तथा 1000 नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के संकल्प को दोहराया।

फेडरेशन के कोल्हान उपाध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने कहा कि कोल्हान क्षेत्र को एयरपोर्ट, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पर्यटन के क्षेत्र में विशेष प्राथमिकता दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य के किसी भी क्षेत्र के व्यापारियों की समस्या पूरे झारखण्ड के चैम्बरों की साझा चिंता होनी चाहिए।

सिंहभूम चैम्बर के उपाध्यक्ष (व्यापार एवं वाणिज्य) अनिल मोदी ने कहा कि झारखण्ड के समग्र विकास के लिए सरकारी नीति निर्माण में चैम्बर प्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उद्योग एवं व्यापार से संबंधित नीतियों के निर्माण में व्यापारियों और उद्यमियों के सुझावों को प्राथमिकता मिलने से राज्य का समेकित, संतुलित एवं टिकाऊ विकास संभव होगा।

दूसरे सत्र में उपाध्यक्ष हर्ष बाकरेवाल ने झारखण्ड को पूर्वी भारत का उभरता मैन्युफैक्चरिंग हब बताते हुए निवेश को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उपाध्यक्ष (अधिवक्ता) राजीव अग्रवाल ने स्टील डाउनस्ट्रीम, इंजीनियरिंग, ऑटो कंपोनेंट्स, डिफेंस एवं रिन्यूएबल एनर्जी उपकरण निर्माण जैसे वैल्यू एडिशन उद्योगों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई। वहीं उपाध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल ‘गोल्डी’ ने धार्मिक एवं पर्यटन सर्किट विकसित कर पर्यटन उद्योग को नई गति देने का सुझाव दिया।

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संगोष्ठी के विभिन्न सत्रों में राज्य के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने भूमि उपलब्धता, आधारभूत संरचना, उद्योग अनुकूल नीतियों, सरकारी प्रक्रियाओं की जटिलता तथा अन्य स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इन सभी सुझावों एवं समस्याओं को संकलित कर राज्य सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से रखने का निर्णय लिया गया।
संगोष्ठी के समापन पर सभी चैम्बरों के प्रतिनिधियों ने संकल्प लिया कि भविष्य में झारखण्ड के सभी चैम्बर एकजुट होकर समन्वित रूप से कार्य करेंगे तथा राज्य को देश के अग्रणी औद्योगिक एवं व्यावसायिक राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने के लिए साझा प्रयास करेंगे।
इस आयोजन में हजारीबाग, धनबाद, खूंटी, गुमला, गोड्डा, जामताड़ा, साहेबगंज, संथाल परगना, चाईबासा, पश्चिमी सिंहभूम, मधुपुर, लोहरदगा, बाजार समिति चैम्बर ऑफ कॉमर्स, देवघर एवं अन्य जिलों के चैम्बर ऑफ कॉमर्स ने सहभागिता प्रदान की।

बैठक के आयोजन में उपाध्यक्ष सचिव भरत मकानी, अंशुल रिंगसिया, बिनोद शर्मा, सुरेश शर्मा, कोषाध्यक्ष अनिल रिंगसिया, मनोज गोयल, महेश संघी, मोहित मूनका, आनंद चौधरी, प्रतीक अग्रवाल, आकाश मोदी, शुभम सेन, अमीष अग्रवाल, अश्विनी अग्रवाल, अभिषेक नरेडी, पीयूष गोयल, प्रशंात अग्रवाल, पीयूष चूड़ीवाला, कौशिक मोदी, मोहित चौधरी, बबलू मिनी, बजरंग अग्रवाल, मुकेश मित्तल इत्यादि ने प्रमुख भूमिका निभाई।

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