प्रसव के दौरान नवजात की मौत, लापरवाही के आरोप पर अस्पताल में हंगामा






चाकुलिया : चाकुलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के दौरान एक नवजात की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा किया। सूचना मिलने पर प्रखंड प्रमुख धनंजय करुणामय समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रंजीत मुर्मू से पूरे मामले की जानकारी ली। बाद में स्वास्थ्यकर्मियों को फटकार लगाकर स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद परिजन शांत हुए।


कदमाशोली निवासी शंभू महतो की पत्नी शताब्दी महतो को शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई थी। उन्हें ममता वाहन से सुबह 7 बजे सीएचसी में भर्ती कराया गया। सुबह 9 से 9:30 बजे के बीच प्रसव के दौरान पहले गर्भनाल बाहर आई और गर्भाशय में ही बच्चे के गले में लिपट गई, जिससे दम घुटने से नवजात की मौत हो गई। ड्यूटी पर उस समय स्वास्थ्यकर्मी अनिमा महतो और भक्ति महतो तैनात थीं। शताब्दी की एक पांच वर्षीय बेटी है। दो वर्ष पहले भी इसी अस्पताल में जन्मे उनके एक बेटे की किडनी की बीमारी के कारण इलाज के दौरान कोलकाता में मौत हो चुकी थी।
चाकुलिया सीएचसी में हर महीने करीब 200 से 250 प्रसव होते हैं, लेकिन आपात स्थिति में सिजेरियन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। अस्पताल में न स्थायी महिला चिकित्सक है और न ही महिला सर्जन। गंभीर स्थिति में मरीजों को झाड़ग्राम रेफर किया जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीएचसी में ऑपरेशन की समुचित व्यवस्था होने पर ऐसे मामलों में बेहतर उपचार संभव हो सकता है।


