CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू, निलंबन समेत 14 फैसलों को रद्द करने की मांग

Advertisements

नई दिल्ली : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज और SIR से जुड़े फैसलों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई शुरू हो गई। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ मामले की सुनवाई कर रही है। याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि ज्ञानेश कुमार ने अपने 2 सहयोगी चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना फैसले लिये। याचिका में उन्हें अंतिम सुनवाई तक निलंबित रखने, कथित तौर पर एकतरफा लिये गये 14 फैसलों को रद्द करने और सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में स्वतंत्र न्यायिक जांच आयोग (SIT) गठित करने की मांग की गई है।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements
Advertisements
https://bashisthaonline.in

पटना निवासी राकेश कुमार सिंह की जनहित याचिका में सुप्रीम कोर्ट से यह तय करने का अनुरोध किया गया है कि क्या CEC ज्ञानेश कुमार अकेले उन शक्तियों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो कानूनी तौर पर पूरे चुनाव आयोग की हैं। याचिका में ज्ञानेश कुमार, सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमीश्नर मनीष गर्ग, सीमा खन्ना और सरकारी ड्यूटी में लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले अन्य अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की भी मांग की गई है। फॉर्म 6 में किये गये बदलाव को भी चुनौती दी गई है। आरोप है कि पैतृक जानकारी और पिछले SIR से जुड़ाव की जरूरत आयोग के सॉफ्टवेयर के जरिये लागू की गई, जबकि इसके लिए आवश्यक कानूनी संशोधन जरूरी था।

याचिकाएं एक रिपोर्ट के बाद दाखिल की गईं, जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीने में SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आधिकारिक तौर पर आपत्ति जताई थी। दावा है कि ये फैसले उनकी जानकारी या अनुशंसा के बिना जारी हुए थे। वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि किसी संस्था में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय होना सामान्य है और उसके सभी आदेश वैध तथा कानूनी प्रक्रियाओं के अनुरूप हैं।

About The Author

You may have missed