भगवान कृष्ण के परम भक्त एवं मित्र थे सुदामा -भिखारी बाबा

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बिक्रमगंज (रोहतास):  बिक्रमगंज में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के 7वें दिन हदयानंद शास्त्री उर्फ भिखारी बाबा काशी वाले महाराज द्वारा श्री सुदामा चरित्र का वर्णन करके श्रद्धालुओं को निहाल किया गया। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ आई व श्रद्धालुओं ने श्री कृष्ण जी के भजनों पर नाच झूम खुब आनंद लिया। महाराज द्वारा अपनी मधुर वाणी से वर्णन करते 7वें दिन बताया कि श्री सुदामा जी भगवन श्री कृष्ण के परम मित्र तथा भक्त थे। वे समस्त वेद-पुराणों के ज्ञाता और विद्वान ब्राह्मण थे। श्री कृष्ण से उनकी मित्रता ऋषि संदीपनी के गुरुकुल में हुई। सुदामा जी अपना जीवन यापन ब्राह्मण रीति के अनुसार भिक्षा मांग कर करते थे। वे एक निर्धन ब्राह्मण थे तथा भिक्षा के द्वारा कभी उनके परिवार का पेट भरता तो कभी भूखे ही सोना पड़ता था। परन्तु फिर भी सुदामा इतने में ही संतुष्ट रहते और हरि भजन करते रहते थे। जब सुदामा जी अपने नगर पहुंचे तो उन्होंने पाया की उनकी टूटी-फूटी झोपड़ी के स्थान पर सुन्दर महल बना हुआ है तथा उनकी पत्नी और बच्चे सुन्दर, सजे-धजे वस्त्रो में सुशोभित हो रहे हैं। इस प्रकार श्री कृष्ण ने सुदामा जी की निर्धनता का हरण किया।इस अवसर पर सैकड़ों भक्त उपस्थित थे।

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