नेहा बोरा पर स्याही फेंकने से गरमाया छात्र आंदोलन, भाजपा-RSS पर लगाए गंभीर आरोप

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रांची : JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ शुक्रवार को निकाले गए संयुक्त छात्र मार्च के दौरान आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने से विवाद बढ़ गया है। पुराना विधानसभा से करमटोली स्कूल की ओर बढ़ रहे मार्च के दौरान एक युवक ने कथित तौर पर पीछे से उनके चेहरे, बाल और कपड़ों पर स्याही फेंक दी। घटना के बाद नेहा बोरा ने भाजपा और RSS पर छात्र आंदोलन को दबाने की कोशिश का आरोप लगाया और मामले की जांच की मांग की।

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नेहा बोरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि स्याही फेंकने वाला युवक अमरनाथ पांडे है, जो हजारीबाग का रहने वाला है और विनोबा भावे विश्वविद्यालय में हिंदी ऑनर्स की पढ़ाई कर रहा है। उन्होंने युवक के कथित राजनीतिक और संगठनात्मक संबंधों की पुलिस से जांच कर सार्वजनिक करने की मांग की। भाकपा-माले के नेताओं ने भी घटना को पूर्व नियोजित बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

छात्र आंदोलन की तीन प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC परीक्षा को तत्काल रद्द करना, JSSC CGL परीक्षा रद्द कर नया शेड्यूल जारी करना और परीक्षा कराने वाली एजेंसियों को जांच के दायरे में लाना शामिल है। नेहा बोरा ने कहा कि छात्र-युवा आंदोलन जारी रहेगा और उन्होंने 10 अगस्त को होने वाले आंदोलन को भी समर्थन देने की घोषणा की।

 

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