झूलते केबल पर सख्त कार्रवाई शुरू, कंपनियों को मिला आखिरी मौका भी खत्म






रांची : बिजली के खंभों पर अनधिकृत और असुरक्षित तरीके से लगाए गए टेलीकॉम, OFC और टीवी केबल को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने 13 अगस्त को अंतिम नोटिस जारी किया था और कंपनियों को 16 अगस्त तक सुरक्षा मानकों के अनुसार केबल व्यवस्थित करने का समय दिया गया था। समयसीमा खत्म होने के बाद निगम अब खुद ऐसे केबल हटा रहा है और इस पर आने वाला खर्च संबंधित कंपनी या एजेंसी से वसूलेगा। जून 2026 में भी कंपनियों को केबल सुरक्षित करने का निर्देश दिया गया था।


बुधवार को पहले चरण में कुसई चौक से 56 सेठ, जीवन लोक से लक्ष्मी नर्सिंग होम, कुम्हार टोली, श्रद्धानंद रोड, कांके रोड, चांदनी चौक, सैनिक कॉलोनी, मेन रोड, कोचा टोली, खेलगांव रोड, डिस्टिलरी पुल से कोकर शिव मंदिर, करमटोली चौक से रामेश्वरम गली और जगन्नाथपुर थाना से शनि मंदिर तक कार्रवाई की गई। डोरंडा, हिनू, डंगराटोली चौक, लालपुर, पुरुलिया रोड, कोकर, मोरहाबादी, चिरौंदी और नामकुम सहित दूसरे इलाकों में भी अभियान चल रहा है। पहले चरण की जिम्मेदारी ईस्ट, वेस्ट, सेंट्रल, न्यू कैपिटल, डोरंडा और कोकर विद्युत आपूर्ति प्रमंडल को दी गई है। खूंटी, गुमला, लोहरदगा और सिमडेगा में भी संबंधित अभियंताओं को ऐसे केबल हटाने का निर्देश दिया गया है।निगम के अनुसार कई जगह केबल सुरक्षित ऊंचाई से नीचे और सड़कों के ऊपर झूल रहे हैं, जिससे बड़े वाहनों के फंसने, तार टूटने और बिजली व्यवस्था को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। बारिश के मौसम में दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। BSNL, RailTel, Reliance Jio और Vodafone समेत संबंधित कंपनियों और केबल ऑपरेटरों से एक सप्ताह के भीतर केबल की वैधता का प्रमाण देने और उन्हें सुरक्षा मानकों के अनुरूप करने को कहा गया है। ऐसा नहीं करने पर हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी।


