अनशन खत्म करने को तैयार सोनम वांगचुक, सामने रखीं 3 बड़ी शर्तें






नई दिल्ली : सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने संकेत दिया है कि वह अपना अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त करने के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए उन्होंने तीन शर्तें रखी हैं। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों की जिम्मेदारी स्वीकार करे या राजनीतिक दलों के नेता व्यक्तिगत रूप से मिलकर आगामी संसद सत्र में इन मुद्दों को उठाने का भरोसा दें, तो वह अपना अनशन समाप्त कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि उनके आवागमन, अभिव्यक्ति और संचार की स्वतंत्रता पर भी पाबंदियां लगाई गई हैं.सोनम वांगचुक ने तीसरी शर्त भी बताई. उन्होंने कहा कि अगर उनकी तबीयत या किसी दूसरी वजह से वे संसद नहीं जा पाते हैं, तो अलग-अलग राजनीतिक दलों के सांसद और नेता अस्पताल आकर उन्हें भरोसा दें कि वे उनके मुद्दों को संसद में उठाएंगे. ऐसी स्थिति में भी वह अपना अनशन खत्म करने पर विचार करेंगे.


सोमवार (20 जुलाई) से संसद का मानसून सत्र भी शुरू हो रहा है. इसी बीच सोनम वांगचुक ने अस्पताल से जारी अपने मैसेज में कहा कि उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उनकी इच्छा के खिलाफ रखा गया है. उन्होंने इसे “गैरकानूनी हिरासत” बताया. वांगचुक का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर अब भी डटे हुए हैं और सरकार से जवाब का इंतजार कर रहे हैं. उनकी पत्नी ने भी बताया कि यदि नेताओं की ओर से आश्वासन मिलता है तो वह अपना अनशन समाप्त कर सकते हैं।


