गिरिडीह में छह अनाथ भाई-बहनों को मिला प्रशासन का सहारा, डीसी ने शिक्षा और सहायता का दिया भरोसा



गिरिडीह : माता-पिता के निधन के बाद कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे छह अनाथ भाई-बहनों को गिरिडीह जिला प्रशासन से नई उम्मीद मिली है। अपनी समस्या लेकर उपायुक्त रामनिवास यादव के पास पहुंचे बच्चों ने जब अपनी आपबीती सुनाई तो उपायुक्त ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

बच्चों ने आवेदन देकर बताया कि उनके पिता सोना मुर्मू का फरवरी 2026 में और मां पुरनी हेंब्रम का 11 जुलाई 2026 को निधन हो गया। अब छह भाई-बहनों की जिम्मेदारी 75 वर्षीय दादी के कंधों पर है। आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है।
उपायुक्त रामनिवास यादव ने बच्चों से विस्तार से बातचीत कर उनकी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि किसी भी बच्चे की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए। साथ ही सभी बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ, आवश्यक आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं।
उपायुक्त की इस संवेदनशील पहल से बच्चों और उनके परिवार में नई उम्मीद जगी है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए इसे संवेदनशील और जिम्मेदार प्रशासन का उदाहरण बताया।


