कोलकाता में भगदड़ के बाद दुर्गा पूजा पंडालों में बढ़ी सतर्कता, सीसीटीवी और अग्निशामक यंत्रों से सुरक्षा

जमशेदपुर : कोलकाता के पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना के बाद जमशेदपुर के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गयी है। श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए पूजा समितियां भीड़ नियंत्रण, अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन निकासी की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दे रही हैं। प्रभात खबर की टीम द्वारा शहर के प्रमुख पूजा पंडालों के निरीक्षण में कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे, अग्निशामक उपकरण, बैरिकेडिंग और महिला-पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग रास्तों की व्यवस्था मिली। श्री श्री सार्वजनिक दुर्गापूजा कमेटी, ठक्कर बाबा, धातकीडीह के पंडाल में खुले परिसर के साथ अलग-अलग रास्ते और सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं। एग्रिको दुर्गा पूजा पंडाल में प्रवेश और निकास के अलग द्वार, अग्निशामक उपकरण और प्रशिक्षित समिति सदस्य तैनात हैं। वहीं, न्यू सिदगोड़ा दुर्गा एंड काली पूजा कमेटी ने भी महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग रास्ते तथा प्रमुख स्थानों पर अग्निशामक यंत्रों की व्यवस्था की है।

ठाकुर प्यारा सिंह धुरंधर सिंह क्लब, काशीडीह के पूजा पंडाल में भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग, चौड़े निकासी मार्ग, सीसीटीवी कैमरे और अग्निशामक उपकरण लगाये गये हैं। कागलनगर सेंट्रल दुर्गा पूजा पंडाल में सीसीटीवी निगरानी के साथ आपातकालीन निकासी मार्ग बनाया गया है। रानीकुदर हिंद क्लब दुर्गा पूजा समिति ने महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार तैयार किये हैं। सिदगोड़ा एल-4 एरिया दुर्गा पूजा कमेटी के पंडाल में भी अलग रास्तों और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भीड़ प्रबंधन किया जा रहा है। सभी स्थानों पर पूजा समितियों के सदस्य और वॉलंटियर श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय हैं।
इधर, शारदीय नवरात्र के दौरान जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पूजा समितियों के संयुक्त प्रयास से शहर के छोटे-बड़े पूजा पंडालों में तंबाकू और धूम्रपान के खिलाफ जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। पंडाल परिसरों को नो स्मोकिंग जोन घोषित कर जागरूकता पोस्टर लगाये गये हैं। अभियान के नोडल पदाधिकारी डॉ. मृत्युंजय धाउड़िया ने बताया कि लोगों को सिगरेट, बीड़ी और गुटखा से होने वाले कैंसर तथा फेफड़ों की गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। साथ ही पैसिव स्मोकिंग से बच्चों और गर्भवती महिलाओं को होने वाले नुकसान की जानकारी भी दी जा रही है। अभियान का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।


