धनबाद जज को टक्कर मारने वाले ऑटो से रिकिएट किया सीन, पांच बार दोहराया गया दृश्य

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झारखण्ड:- जिला एवं सत्र न्यायाधीश-8 उत्तम आनंद को टक्कर मारने वाले ऑटो के साथ दिल्ली सीबीआई की टीम रविवार की अलसुबह रणधीर वर्मा चौक स्थित घटनास्थल पहुंची। जब्त ऑटो को एसआईटी ने जांच के लिए रांची फोरेंसिक एंड साइंस लैब (एफएसएल) भेज दिया था। रांची से ट्रक पर लाद कर ऑटो को धनबाद मंगाया गया। सीबीआई अधिकारियों ने उसी ऑटो से रविवार को जज को टक्कर मारने का सीन रिक्रिएट किया।

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शनिवार को भी सीबीआई की टीम ने सेंट्रल फोरेंसिंक एंड साइंस लैब (सीएफएसएल) के सदस्यों के साथ घटनास्थल का मुआयना किया था। पहले दिन जज की डमी को घटनास्थल पर लिटा कर फेरो फोकस कैमरे से थ्री डी मैपिंग की गई थी। एक ऑटो का भी सहारा लिया गया था

लेकिन रविवार की सुबह करीब साढ़े पांच बजे सीबीआई ने टक्कर मारने वाले ऑटो को रांची से मंगा कर सीन को रिक्रिएट किया। सीबीआई की टीम गिरफ्तार ऑटो चालक लखन वर्मा को भी लेकर पहुंची थी। घटनास्थल पर एएसपी विजय कुमार शुक्ला टीम को लीड कर रहे थे।

पता लगाया टक्कर से कहां-कहां लग सकती है चोट

सीबीआई ने जज की डमी (उसी कद और काठी के व्यक्ति) को ठीक उसी तरह जॉगिंग कराया, जैसे घटना के दिन उत्तम आनंद कर रहे थे। टक्कर वाले स्थान को चॉक से मार्किंग कर रखा गया था। धक्का देकर ऑटो को स्टार्ट किया गया और उसी दिशा और रफ्तार में चलाया गया। पांच बार इस सीन को दोहाराया गया। सीबीआई ने जज की डमी को ऑटो से सटा कर यह अनुमान लगाने का प्रयास किया कि टक्कर और टक्कर के बाद गिरने से जज को कहां-कहां चोट लगी होगी। शरीर के संभावित अंगों पर चोट लगने के अनुमान को वास्तविक पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मिलान किया जाएगा।

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ऑटो की हुई फोटोग्राफी, लिया गया सैंपल

सीबीआई की सीएफएसएल टीम ने टक्कर मारने वाले ऑटो की फोटोग्राफी की। ऑटो के अंदर और बाहर की कई तस्वीर ली गई। ऑटो में लगे डेंट से फोरेंसिक टीम ने कई सैंपल भी एकत्रित किए। सैंपल की विस्तृत जांच की जाएगी। घटनास्थल पर सीबीआई अफसरों ने लखन से कई सवाल-जवाब भी किए। सुबह साढ़े पांच बजे से साढ़े आठ बजे यानी तीन घंटे तक जांच का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान सड़क को दोनों ओर से बेरिकेडिंग कर रोक दिया गया था।

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