शिक्षक भर्ती घोटाले में खुलासा: 632 शालार्थ ID रिकॉर्ड गायब, हाई कोर्ट में सवाल खड़े


नागपुर : महाराष्ट्र में शिक्षक भर्ती घोटाले का नया मोड़ सामने आया है। उच्च न्यायालय में शिक्षा विभाग ने बताया कि 632 शिक्षकों और कर्मचारियों के ‘शालार्थ ID’ रिकॉर्ड मौजूद नहीं हैं, जिससे उनके नियुक्ति और वेतन की वैधता पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। इन रिकॉर्ड का विभाग के पास मूल डेटा के रूप में कोई सबूत नहीं है।

जांच में यह भी पता चला है कि ये शालार्थ ID बिना किसी मान्यता और नियमों का उल्लंघन करते हुए बनाए गए थे। पुणे स्थित शिक्षा निदेशक की जांच रिपोर्ट में कहा गया कि कई नियुक्तियां ऐसे पदों पर हुईं जो विभाग द्वारा मंजूर नहीं थे या जो असल में अस्तित्व में ही नहीं थे। विभाग ने कोर्ट को यह भी बताया कि अवैध नियुक्तियों के वेतन का भुगतान सरकारी खजाने की जिम्मेदारी नहीं है और अगर इन शिक्षकों ने स्कूलों में काम किया भी है तो इसका भुगतान संबंधित स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी होगी।


