ट्रिपल मर्डर केस में पत्नी-बेटी-बेटे की लाशों के बीच भी नहीं टूटा रवींद्र, अंतिम संस्कार नहीं… सताती रही सिर्फ मकान, ताला और संपत्ति की चिंता

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जमशेदपुर : एग्रिको के क्वार्टर नंबर एल5/13 में हुए तिहरे हत्याकांड के आरोपी रवींद्र सिंह का व्यवहार पुलिस और परिवार के लोगों को लगातार चौंका रहा है। पत्नी, बेटी और बेटे की हत्या के बाद भी रवींद्र को अपनी करतूत पर किसी तरह का पछतावा नहीं दिखा। जेल भेजे जाने के दौरान भी उसकी चिंता सिर्फ अपनी संपत्ति और घर को लेकर थी।

जेल जाने से पहले रवींद्र बार-बार यही पूछता रहा कि उसके घर में ताला लगा है या नहीं। जब पुलिस ने बताया कि क्वार्टर को सील कर ताला लगा दिया गया है और उसकी चाबी बड़े बेटे अभिषेक को सौंप दी गई है, तब जाकर उसने राहत की सांस ली। इस दौरान उसने एक बार भी यह जानने की कोशिश नहीं की कि उसकी पत्नी, बेटी और बेटे के शवों का अंतिम संस्कार हुआ या नहीं। पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया के दौरान रवींद्र का व्यवहार पूरी तरह सामान्य दिखा। जिन-जिन दस्तावेज पर उससे हस्ताक्षर कराए गए, उन्हें उसने पहले ध्यान से पढ़ा और फिर साइन किया।

जहां उसे किसी बात की समझ नहीं आई, वहां उसने पुलिसकर्मियों से सवाल भी किए। इसी आधार पर पुलिस का मानना है कि रवींद्र मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ है।

जिस घर में हुई घटना, वहीं श्राद्ध कर्म

इधर, बुधवार को रवींद्र का बड़ा बेटा अभिषेक रायपुर से जमशेदपुर पहुंचा और क्वार्टर में जाकर साफ-सफाई कराई। घर में पड़े खून से सने गद्दों को हटाया गया और दीवारों पर लगे खून के निशानों को भी साफ कराया गया। अभिषेक ने इसी घर से अपने परिवार के श्राद्ध कर्म की शुरुआत की। अभिषेक ने बताया कि परिवार में सबकुछ सामान्य चल रहा था और उसकी शादी की बातचीत भी चल रही थी। कुछ दिनों पहले ही वह रायपुर में शादी के सिलसिले में एक लड़की से मिला था। लेकिन इस घटना ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया।

जेल में किसी से रवींद्र ने नहीं की बात

इधर जेल में बुधवार को आरोपी रवींद्र पूरे दिन गुमसुम बैठा रहा। उसने किसी कैदी या जेल कर्मी से ज्यादा बातचीत नहीं की। खाना खाने के बाद वह चुपचाप एक कोने में बैठा रहा।

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