6 रुपये के टिकट पर 10 हजार का लालच, अवैध लॉटरी का नेटवर्क फैलने का दावा



चाईबासा : चाईबासा, चक्रधरपुर और सरायकेला समेत आसपास के इलाकों में अवैध लॉटरी का कारोबार फैलने की बात सामने आई है। प्रतिबंध के बावजूद प्रमुख बाजारों और मोहल्लों में लॉटरी टिकट बेचे जाने का दावा है। कम समय में अधिक पैसे पाने की उम्मीद में गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों के अपनी कमाई गंवाने से कई परिवारों पर आर्थिक संकट बढ़ने की बात कही गई है। लॉटरी का ड्रॉ दिन में तीन बार दोपहर एक बजे, शाम छह बजे और रात आठ बजे कराया जाता है। खरीदार यूट्यूब और इंटरनेट पर रिजल्ट देखते हैं। चार-पांच डिजिट के टिकट के साथ कंप्यूटर और मोबाइल से ‘ऑनलाइन च्वाइस नंबर’ चुनकर पैसे लगाने की सुविधा भी दी जा रही है।


छह रुपये के एक टिकट पर 10 हजार रुपये तक का प्रथम पुरस्कार जीतने का झांसा दिए जाने की बात कही गई है। यह कारोबार चाईबासा के बड़ीबाजार, गुदड़ी, बस स्टैंड चौक, गाड़ीखाना, मंगलाहाट, सिंघाड़ा गली, बिरसा चौक, सदर बाजार, मधुबाजार, जेएमपी चौक, रेलवे स्टेशन और मेरीटोला में बड़े पैमाने पर चलने का दावा है। इसमें महाजन, डिस्ट्रीब्यूटर, एजेंट, सेलर और हॉकर का नेटवर्क पश्चिमी सिंहभूम से सरायकेला, नोवामुंडी, झींकपानी, कुजू और चालियामा तक फैला बताया गया है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह अवैध खेल करीब चार वर्षों से चल रहा है। दो साल पहले मुफस्सिल थाना क्षेत्र में सिकंदर यादव समेत पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। मुफस्सिल थाना प्रभारी बिनोद कुमार ने भी दो वर्ष पूर्व पांच लोगों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात कही। पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेनू ने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है और जानकारी मिलने पर उचित कदम उठाया जाएगा। स्थानीय लोगों ने पुलिस-प्रशासन से इस नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।


