जुगसलाई में बदले सियासी तेवर: समर्थन सूची के बाद नए समीकरणों की चर्चा तेज, हिदायत खान की पत्नी के जगह डॉली मल्लिक को मिला समर्थन…

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रांची/जमशेदपुर: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) द्वारा नगर निकाय चुनाव के लिए समर्थित प्रत्याशियों की सूची जारी किए जाने के बाद जुगसलाई नगर परिषद सीट राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गई है। पार्टी ने यहां डॉली मल्लिक को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है, जबकि झारखंड अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान की पत्नी नौशीन खान भी चुनाव मैदान में हैं, लेकिन उन्हें झामुमो का समर्थन नहीं मिला है।

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सूची जारी होने के बाद सियासी हलचल और तेज हो गई है। खास बात यह रही कि हाल ही में मीडिया से मुखातिब होते हुए हिदायतुल्लाह खान ने “डबल इंजन की सरकार” की बात कही थी, जिसे राजनीतिक हलकों में अलग-अलग नजरिए से देखा गया। उनके इस बयान को कुछ लोग व्यापक राजनीतिक संकेत के रूप में देख रहे हैं, तो कुछ इसे चुनावी रणनीति का हिस्सा बता रहे हैं।

अब जब झामुमो की ओर से नौशीन खान को समर्थन नहीं दिया गया है, तो जुगसलाई का चुनावी गणित बदलता हुआ नजर आ रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि स्थानीय स्तर पर प्रभाव रखने वाले नेताओं को आधिकारिक समर्थन नहीं मिलता है, तो इससे समीकरणों में बदलाव की संभावना बनती है। हालांकि, यह भी सच है कि निकाय चुनाव में व्यक्तिगत जनाधार और स्थानीय नेटवर्क की भूमिका अहम होती है।

झामुमो नेताओं ने स्पष्ट किया है कि प्रत्याशी चयन संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत हुआ है और सभी निर्णय पार्टी हित और जीत की संभावना को ध्यान में रखकर लिए गए हैं। वहीं, जुगसलाई सीट पर अब मुकाबला और दिलचस्प होता दिख रहा है, क्योंकि यहां कई प्रभावशाली चेहरे मैदान में हैं।

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फिलहाल राजनीतिक गलियारों में चर्चा इस बात की है कि आने वाले दिनों में हिदायतुल्लाह खान और उनके समर्थक किस रणनीति के साथ आगे बढ़ते हैं। क्या वे स्वतंत्र ताकत के रूप में मैदान में मजबूती से डटे रहेंगे या कोई नया राजनीतिक समीकरण उभरेगा—इस पर सबकी नजर टिकी हुई है। चुनावी माहौल में हर बयान और हर निर्णय का असर पड़ रहा है, और जुगसलाई की सीट अब राज्य स्तर पर भी चर्चा का विषय बन चुकी है।

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