कोयला वाहनों से धूल और जाम के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग, 12 घंटे नो-इंट्री की मांग

बालूमाथ (लातेहार) : मुख्य बाजार में कोयला वाहनों से उड़ रही धूल और लगातार लग रहे जाम के विरोध में व्यवसायी संघ और आम लोग गुरुवार को सड़क पर उतर आये। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सुबह आठ बजे शहीद चौक के पास रांची-चतरा मुख्य पथ को जाम कर मालवाहक ट्रक और हाइवा का परिचालन रोक दिया गया, जबकि छोटे वाहनों का आवागमन जारी रहा। सूचना पर एसडीपीओ उमेश सिंह, थाना प्रभारी अनुभव सिन्हा और अंचलाधिकारी बालेश्वर राम पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि वरीय पदाधिकारियों के निर्देश पर कोयला वाहनों के लिए सुबह दो घंटे और शाम दो घंटे नो-इंट्री की व्यवस्था की जायेगी। साथ ही तीन अक्तूबर को वरीय पदाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक कर समस्या के समाधान पर चर्चा होगी।


व्यवसायी और आम लोग इस प्रस्ताव से सहमत नहीं हुए। उनका कहना है कि करीब चार वर्षों से बाइपास सड़क निर्माण की बात कही जा रही है, लेकिन काम अब तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने बाइपास बनने तक मुख्य बाजार में कम से कम 12 घंटे नो-इंट्री लागू करने की मांग की। व्यवसायियों के अनुसार, कोयला वाहनों से उड़ने वाली धूल और जाम के कारण कारोबार प्रभावित हो रहा है और लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आंदोलन के दौरान दुकानें बंद रहीं। व्यवसायी संघ ने दाल, भात और सब्जी की व्यवस्था कर जाम में फंसे मालवाहक वाहनों के चालकों और अन्य लोगों को भोजन भी कराया। शाम करीब पांच बजे तक जाम जारी रहने से एनएच-22 पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गयी।
व्यवसायी संघ इससे पहले भी प्रशासन को ज्ञापन सौंप चुका है। 18 सितंबर को बाजार बंद कर विरोध जताया गया था और 21 सितंबर को प्रशासन तथा व्यवसायियों के बीच बैठक हुई थी। उस बैठक में सुबह सात बजे से रात आठ बजे तक नो-इंट्री लागू करने की मांग रखी गयी थी। गुरुवार के आंदोलन में मो तौफीक, गुड्डू गुप्ता, मोनू गुप्ता, देवनंदन प्रसाद, आदर्श रविराज, अखिलेश भोक्ता, गजेंद्र हिमांशु, संजय यादव, राजकिशोर प्रसाद, बबलू चौरसिया, लालदेव गंझू, मनोहर साव, मुखिया नरेश लोहरा, अनिल प्रजापति, बसंत कुमार, रोहित कुमार, मो अशफाक, मो आमिर, मो तौसीफ, मो जमशेद, शहबाज, मो जफर, मो अलताब, कमलेश सिंह, प्रदीप गुप्ता, अजीत कुमार, अर्जुन साव समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।


