पीएम आवास के नाम पर लोगों को ‘नरक’ में धकेल दिया : सरयू राय

Advertisements
Advertisements
Advertisements

जमशेदपुर : प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बिरसानगर में बनाए गए आवासों की जमीनी हकीकत ने सरकारी दावों की पोल खोल दी है। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने रविवार को पीएम आवास परिसर का निरीक्षण करने के बाद इसकी बदहाल स्थिति पर नगर विकास विभाग और जुडको को कठघरे में खड़ा किया। सरयू राय ने कहा कि पीएम आवास के करीब 50 लाभुक एक दिन पहले उनसे मिलकर अपनी समस्याएं बता चुके थे और मौके पर चलकर वस्तुस्थिति देखने का आग्रह किया था।उनके आग्रह पर जब वे परिसर पहुंचे तो स्थिति लोगों की बताई परेशानी से भी कहीं अधिक बदतर मिली।सरयू राय ने कहा कि नगर विकास विभाग ने पीएम आवास के निवासियों को आवास देने के नाम पर नरक में धकेल दिया है।उन्होंने कहा कि ब्लॉक संख्या 32 में करीब 70 लोग और ब्लॉक संख्या 8 में करीब 35 लाभुक रहने लगे हैं, लेकिन उन्हें बुनियादी सुविधाओं तक से वंचित रखा गया है।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements
Advertisements

बकौल सरयू राय, आवास तक पहुंचने वाली सड़क पूरी तरह टूटी-फूटी और गड्ढों से भरी है। इन गड्ढों के कारण वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं और लोग घायल हो रहे हैं। सरयू राय ने कहा कि ब्लॉक संख्या 32 और 8 में जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। बारिश का पानी परिसर में इस कदर जमा है कि भूतल तक पानी पहुंच गया है। सीढ़ियों और लिफ्ट के आसपास भी पानी भरा हुआ है। पूरे परिसर में मुश्किल से 20 प्रतिशत नाला ही बना है। श्री राय ने कहा कि जल-जमाव के कारण यहां डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। साफ-सफाई की कोई प्रभावी निगरानी नहीं है और मच्छरों की भरमार है। जिन दो परिसरों में लोग रहने लगे हैं, वहां प्रकाश की भी उचित व्यवस्था नहीं है।

See also  प्रयत्न संस्था ने बस्ती के बच्चों संग बिताया वक्त, बाँटा भोजन और चॉकलेट

सरयू राय ने कहा कि पीएम आवास के फ्लैटों की दीवारों में अभी से दरारें दिखाई देने लगी हैं। इससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल असुविधा का मामला नहीं है, बल्कि गरीब परिवारों को दिए गए आवास की सुरक्षा और सरकारी धन के इस्तेमाल से जुड़ा गंभीर विषय है।

पेयजल टंकी के पास सीवेज टैंक

सरयू राय ने सबसे गंभीर आपत्ति ब्लॉक संख्या 8 में बने पेयजल टैंक और सीवेज टैंक की स्थिति को लेकर जताई। उन्होंने कहा कि पीने के पानी की टंकी से काफी कम दूरी पर सीवेज का टैंक बना दिया गया है। यदि सीवेज टैंक से रिसाव हुआ तो पेयजल स्रोत दूषित होने की आशंका है और इसका सीधा असर वहां रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। इतनी संवेदनशील व्यवस्था में इस प्रकार की लापरवाही सामान्य चूक नहीं मानी जा सकती। श्री राय के अनुसार, उनकी धारणा है कि जुडको ने यहां एक आपराधिक कृत्य किया है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। बिरसानगर पीएम आवास में आधा दर्जन से अधिक ब्लॉक बनाए जा रहे हैं, लेकिन ब्लॉक संख्या 8 और 32 को छोड़कर अन्य ब्लॉकों का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है।

सरयू राय ने कहा कि निर्माणाधीन ब्लॉकों में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है। वहां अक्सर शराब का सेवन किया जाता है, जिससे आसपास का माहौल खराब हो रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा पर पड़ रहा है। सरयू राय ने कहा कि असुरक्षा के कारण पीएम आवास में रहने वाले परिवार अपनी बेटियों को मुख्य सड़क तक छोड़ने के लिए साथ जाते हैं और उन्हें वापस लाने के लिए भी दोबारा मुख्य सड़क तक जाते हैं। पीएम आवास के निवासियों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए बिरसानगर थाना की स्थायी टीओपी बनाने की मांग की है। सरयू राय ने कहा कि लोगों की सुरक्षा को देखते हुए इस मांग पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

See also  रोज 40 हजार लीटर या अधिक पानी की खपत पर पंजीकरण जरूरी, नियम तोड़ा तो कट सकता है कनेक्शन

सरयू राय ने कहा कि वे इन सभी समस्याओं को लेकर नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव और जुडको को पत्र लिखेंगे तथा समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि लोगों को केवल कागज पर आवास देना पर्याप्त नहीं है। आवास तभी सार्थक है जब वहां सड़क, नाली, जल निकासी, रोशनी, साफ-सफाई और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध हों।

मोदी से करेंगे अनुरोध

उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। पीएम आवास की इस दुर्दशा की जानकारी प्रेस-मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री तक भी पहुंचेगी। सरयू राय ने कहा कि वे स्वयं प्रधानमंत्री को लिखित अनुरोध करेंगे कि वे अपने जन्मदिन के अवसर पर जमशेदपुर के बिरसानगर में बने पीएम आवास की नारकीय स्थिति को संज्ञान में लें और इसे रहने योग्य बनाने के लिए समुचित कार्रवाई सुनिश्चित करें। सरयू राय ने कहा कि गरीबों के नाम पर योजनाएं बनाकर उन्हें कागज पर सफल दिखाना आसान है, लेकिन जमीन पर उनकी हालत देखने पर सरकारी व्यवस्था की असली तस्वीर सामने आती है। बिरसानगर का पीएम आवास इसी विफलता का जीता-जागता उदाहरण है।

 

About The Author

You may have missed