आदिवासी महाजुटान में परिसीमन और खनन विधेयक का विरोध, आंदोलन की चेतावनी

रांची : ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में आयोजित आदिवासी एकता महाजुटान में झारखंड के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग पहुंचे। दूर-दराज के इलाकों से आए लोगों की भीड़ ने रैली को बड़े जनसमागम में बदल दिया। कार्यक्रम में आदिवासी समाज की एकजुटता, अधिकारों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।

रैली को संबोधित करते हुए झारखंड के पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने प्रस्तावित परिसीमन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि परिसीमन में जनसंख्या के आधार पर आदिवासी आरक्षित सीटों की संख्या घटाने की कोशिश हुई तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदिवासी समाज अपने अधिकारों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से किसी तरह का समझौता स्वीकार नहीं करेगा।
बंधु तिर्की ने खनन और खनिज से जुड़े प्रस्तावित संशोधन विधेयक को वापस नहीं लेने पर बड़े स्तर पर आंदोलन की चेतावनी दी और आर्थिक नाकाबंदी की संभावना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महाजुटान में दिखी एकजुटता से आगामी आंदोलन की ताकत का अनुमान लगाया जा सकता है। रैली के दौरान उन्होंने RSS के कथित एजेंडे पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि आदिवासी हितों के खिलाफ माने जाने वाले किसी एजेंडे को स्वीकार नहीं किया जाएगा।


