आधी रात हाथियों का हमला, घर तोड़कर मां-बेटी की मौत—गांव में दहशत


जमशेदपुर : ईचागढ़ थाना क्षेत्र के हरात गांव में शुक्रवार देर रात हाथियों के झुंड ने कहर बरपा दिया। दलमा क्षेत्र से भटके 8–10 जंगली हाथी भोजन की तलाश में गांव में घुस आए और महतो परिवार के मिट्टी के घर को तोड़ दिया। अचानक हुए इस हमले में घर के अंदर मौजूद लोग फंस गए, जिससे मौके पर ही चीन देवी और उनकी बेटी अमिता कुमारी की दर्दनाक मौत हो गई।

घटना में कमलचंद महतो, मोहन महतो और सतुला देवी गंभीर रूप से घायल हो गए। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और जलती मशालों की मदद से हाथियों को किसी तरह खदेड़ा। घायलों को तुरंत जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कमलचंद महतो की हालत नाजुक बनी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार, यह हाथियों का झुंड पिछले एक सप्ताह से इलाके में घूम रहा था। पहले फसलों को नुकसान पहुंचाया और अब घरों पर हमला कर रहा है, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल है। लोग रातभर जागकर अपने घरों की निगरानी कर रहे हैं। इस घटना के बाद वन विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि संकट के समय विभाग की सक्रियता नजर नहीं आई, जबकि “प्रोजेक्ट एलीफेंट” पर भारी खर्च किया जाता है।
घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मृतकों के परिजनों को तत्काल 25 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की। साथ ही प्रत्येक मृतक के लिए 4 लाख रुपये मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और घायलों के इलाज का खर्च भी विभाग द्वारा उठाया जाएगा। हाथियों को वापस जंगल की ओर खदेड़ने के लिए विशेष टीम तैनात की गई है।
अधिकारियों ने माना कि दलमा क्षेत्र में भोजन और पानी की कमी के कारण हाथी गांवों की ओर रुख कर रहे हैं। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इस समस्या की अनदेखी की जा रही है, जिससे अब हालात गंभीर हो गए हैं। लोगों ने स्थायी समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं लगातार होती रहेंगी और कई परिवार गांव छोड़ने को मजबूर हो सकते हैं।


