बिजली चोरी पर बड़ा वार… ट्रांसफॉर्मर मीटर टैगिंग का काम 3 महीने में पूरा करने का लक्ष्य, सिस्टम होगा हाईटेक


पटना : बिहार में बिजली चोरी पर रोक लगाने के लिए ट्रांसफॉर्मर मीटर टैगिंग का काम तेज कर दिया गया है। पावर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए यह तकनीकी प्रक्रिया चल रही है, जिसे अगले तीन महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत ट्रांसफॉर्मर को सीधे उपभोक्ता मीटरों से जोड़ा जा रहा है ताकि बिजली खपत और सप्लाई का सटीक हिसाब मिल सके।

जानकारी के अनुसार, इस व्यवस्था के लागू होने के बाद किसी भी इलाके में कुल सप्लाई और खपत के बीच अंतर तुरंत पकड़ा जा सकेगा, जिससे बिजली चोरी की पहचान आसान हो जाएगी। इससे यह भी पता चलेगा कि किस ट्रांसफॉर्मर पर कितना लोड है और किस समय अधिक खपत हो रही है।
इस सिस्टम के जरिए न सिर्फ बिजली चोरी पर लगाम लगेगी, बल्कि ट्रांसफॉर्मर पर ओवरलोड की स्थिति भी कम होगी। इससे तकनीकी खराबियों और ट्रांसफॉर्मर जलने की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। बिजली विभाग का मानना है कि इस पहल से राजस्व नुकसान में भारी कमी आएगी और बिजली आपूर्ति व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।


