जीटी रोड पर अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, दर्जनों निर्माण और दुकानें तोड़ी गईं

धनबाद : जीटी रोड को जाम से मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन ने शुक्रवार को गोविंदपुर से निरसा तक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। डीसी आदित्य रंजन और एसएसपी प्रभात कुमार की मौजूदगी में गोविंदपुर के रंगडीह मोड़ से लाल बाजार की ओर कोलकाता लेन तक सड़क की जमीन पर बने दर्जनों घरों और दुकानों के आगे की छावनी, कच्चे-पक्के निर्माण और सीढ़ियों को बुलडोजर से हटाया गया। अधिकारियों के पहुंचते ही कई लोगों ने खुद अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया। डीसी और एसएसपी करीब दो घंटे तक मौके पर मौजूद रहे। इसके बाद एसडीएम लोकेश बारंगे के नेतृत्व में शाम तक कार्रवाई जारी रही। रंगडीह मोड़ पर एक दुकान तोड़कर सड़क को चौड़ा किया गया। डीसी ने बिजली पोल हटाने के लिए जीएम से बातचीत की। अधिकारियों ने गोविंदपुर सीओ और पुलिस इंस्पेक्टर को रतनपुर तक सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया। साथ ही दोबारा कब्जा करने वालों पर प्राथमिकी दर्ज करने की चेतावनी दी। अभियान में डीटीओ दिवाकर द्विवेदी, बीडीओ जही आलम, सीओ यशवंत सिन्हा, डीएसपी कुमार विनोद, ट्रैफिक डीएसपी रोहित साव और पुलिस इंस्पेक्टर विष्णु प्रसाद शामिल रहे।

डीसी और एसएसपी ने बताया कि पिछले तीन माह से जीटी रोड पर जाम के कारण एंबुलेंस फंसने, परीक्षार्थियों की परीक्षा छूटने और दुर्गापुर से फ्लाइट पकड़ने वाले यात्रियों के परेशान होने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। अधिकारियों के अनुसार, रात 1-2 बजे भी एंबुलेंस फंसने को लेकर फोन आते हैं। पांच माह पहले एनएचएआई ने घर-घर नोटिस दिया था। इसके बाद 15 सितंबर को एसडीएम ने माइक से मुनादी कराकर सांकेतिक तोड़फोड़ भी कराई थी। एसएसपी ने बताया कि गोविंदपुर जीटी रोड पर गलत दिशा में वाहन चलाना भी जाम की बड़ी वजह है। उन्होंने ट्रैफिक डीएसपी रोहित कुमार साव को 10 अक्तूबर से लगातार 10 दिनों तक वाहन जांच अभियान चलाने और नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाने का निर्देश दिया।
इधर, निरसा में भी शुक्रवार शाम सीओ विक्रम आनंद और बीडीओ इंद्रलाल ओहदार के नेतृत्व में जीटी रोड के हटिया मोड़ से बाजार चौक तक सर्विस लेन से अतिक्रमण हटाया गया। अधिकारियों ने सुबह ही दुकानदारों को दोपहर 12 बजे तक सामान हटाने का निर्देश दिया था। इसके बाद जीटी रोड और सर्विस रोड पर दुकान लगाने वाले ज्यादातर फुटपाथ दुकानदारों ने अपना सामान स्वयं हटा लिया। जिन दुकानदारों ने दुकानें और सामान नहीं हटाए, उनके निर्माण को जेसीबी से तोड़ दिया गया।


