निखार सबलोक हत्याकांड का मुख्य शूटर शिबू पुलिस मुठभेड़ में घायल, दोनों पैरों में लगी छह गोलियां

जमशेदपुर : होटल कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड में वांछित मुख्य शूटर सागर सिंह उर्फ विजय सिंह उर्फ शिबू बुधवार को धनबाद के निरसा में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, शिबू ने पुलिस टीम को देखते ही 9 एमएम पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में छह गोलियां लगीं। एक्स-रे रिपोर्ट के मुताबिक दाहिने पैर में चार और बाएं पैर में दो गोलियां लगी हैं। गंभीर हालत में उसे धनबाद के एसएनएमएमसीएच अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कड़ी सुरक्षा में इलाज चल रहा है।


पुलिस को सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर निवासी शिबू निरसा थाना क्षेत्र के हाथबाड़ी स्थित आनंद वाटिका रेजिडेंसी में छिपा है। धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने बुधवार शाम करीब 5:15 बजे वहां दबिश दी। पुलिस के मुताबिक, घिरने पर शिबू ने निरसा के कार्यवाहक थाना प्रभारी बालेश्वर सिंह पर तीन राउंड फायरिंग की। जवाब में पुलिस ने छह राउंड फायरिंग की, जबकि स्थानीय लोगों ने करीब 10 राउंड गोली चलने की बात कही। शिबू के दो साथी हथियार के साथ पुलिस पर फायरिंग करते हुए फरार हो गए, जबकि उसके दो अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। घायल शिबू की निशानदेही पर पुलिस ने हाथबाड़ी जंगल से अत्याधुनिक हथियार और कारतूस भी बरामद किए हैं।
24 अगस्त 2026 को जमशेदपुर के टेंथ माइल स्टोन होटल के पास व्यवसायी निखार सबलोक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में सागर सिंह उर्फ शिबू का नाम मुख्य शूटर के रूप में सामने आया था। पुलिस के अनुसार, हत्या के लिए अशोक सिंह राघव ने शिबू को 20 लाख रुपये की सुपारी दी थी, जबकि शूटरों के ठहरने और हथियार की व्यवस्था अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह ने की थी। मामले में पुलिस अब तक नौ आरोपियों अंकित कुमार सिंह, प्रमोद सिंह, अभिनव यादव, राज कुमार सिंह उर्फ प्रिंस, अशोक सिंह राघव, अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू, सुशील केराई, सुनील रजक और रितेश सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। शिबू का नाम पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड से जुड़े सरायढेला थाना कांड संख्या 48/17 में भी दर्ज है। पुलिस के अनुसार, उत्तर प्रदेश और झारखंड में उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और धोखाधड़ी समेत कई मामलों में केस दर्ज हैं।


