JSERC ने टाटा पावर का 133.89 करोड़ का निवेश प्रस्ताव खारिज किया, उपभोक्ताओं को बड़ी राहत


जमशेदपुर : Jharkhand State Electricity Regulatory Commission ने Tata Power कंपनी लिमिटेड (TPCL) के थर्मल पावर प्लांट की यूनिट-2 और यूनिट-3 के नवीनीकरण व आधुनिकीकरण के लिए प्रस्तावित 133.89 करोड़ रुपये के निवेश को खारिज कर दिया है।

आयोग ने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि कंपनी द्वारा अनिवार्य ‘रेसिडुअल लाइफ असेसमेंट’ (RLA) रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई थी। नियमों के अनुसार, कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट की परिचालन आयु लगभग 25 वर्ष मानी जाती है, जबकि टाटा पावर की 120-120 मेगावाट की ये दोनों यूनिट्स इस अवधि को पार कर चुकी हैं।
आयोग के इस फैसले से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि बिना तकनीकी मूल्यांकन के इस निवेश लागत को बिजली टैरिफ में शामिल नहीं किया जाएगा। यानी उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ नहीं पड़ेगा।
इसके साथ ही आयोग ने प्लांट की आंतरिक बिजली खपत के मानकों को भी सख्त कर दिया है। कंपनी द्वारा 11% खपत का दावा किया गया था, जिसे घटाकर 10% कर दिया गया है। तय सीमा से अधिक की खपत का खर्च अब कंपनी को स्वयं उठाना होगा।
गौरतलब है कि यह प्लांट वर्ष 1996 से संचालित हो रहा है और करीब तीन दशकों से जमशेदपुर के औद्योगिक व घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति कर रहा है। इसकी कुल स्थापित क्षमता 547.5 मेगावाट है।


