भारत- EU के बीच ट्रेड डील से इन दो सेक्टर्स को झटका

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Delhi: भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच फ्री ट्रेड डील (India-EU Free Trade Deal) पर मंगलवार को मुहर लग गई. इसे मदर ऑफ ऑल डील्स (Mother of all deals) का नाम दिया गया. यह डील एक ऐसे समय पर हुई, जबकि दोनों ही पक्ष अमेरिका के लगाए गए हाई टैरिफ, कमजोर सप्लाई चेन और रूस-यूक्रेन के बीच जंग जैसे कई जियोपॉलिटिकल तनावों से जूझ रहे थे. इससे ट्रेड फ्लो को नुकसान पहुंच रहा था.भारत-EU के बीच FTA के तहत भारत से EU को एक्सपोर्ट होने वाले 99.5 परसेंट सामानों पर ड्यूटी कम की जाएगी, जिसमें सीफूड और फुटवियर शामिल हैं. वहीं, बदले में भारत EU से इंपोर्ट होने वाले 96.6 परसेंट सामानों पर टैरिफ कम करेगा या खत्म करेगा, जिसमें यूरोपीय ऑटोमेकर और शराब शामिल हैं. भारत ने यूरोपीय शराब पर टैरिफ में भारी कटौती की है. वाइन पर ड्यूटी घटाकर 20 परसेंट, स्पिरिट पर 40 परसेंट (जो पहले 150 परसेंट तक थी) और बीयर पर 50 परसेंट कर दी गई है. यह भारत में शराब बनाने वाली कंपनियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है, जिनके लिए अब मार्केट में मुकाबला और कड़ा होने की उम्मीद है.फ्री ट्रेड डील से भारत में कार बनाने वाली कंपनियों को भी नुकसान होने की संभावना है क्योंकि इस समझौते के तहत यूरोप से इम्पोर्ट होने वाली कारों पर टैरिफ को 110 परसेंट से घटाकर 10 परसेंट कर दिया गया है. इसके तहत, ऑटो कंपोनेंट्स पर भी ड्यूटी 5-10 सालों में खत्म कर दी जाएगी.

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जाहिर सी बात है कि इस डील के बाद मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू, ऑडी और फॉक्सवैगन जैसी विदेशी कंपनियों की कारें भारतीय बाजारों में अपना पांव पसारेंगी, लेकिन भारतीय ऑटोमेकर्स को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा.

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