डेंगू को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी, समय रहते पहचान और बचाव है सबसे बड़ी सुरक्षा

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जमशेदपुर : बारिश और उमस के मौसम में डेंगू बुखार तेजी से फैलने वाली गंभीर वायरल बीमारी बनकर सामने आ रहा है। टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) जमशेदपुर के मेडिसिन विभाग के कंसल्टेंट डॉ. कुनाल प्रियदर्शी ने लोगों को डेंगू के प्रति जागरूक रहने और शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि डेंगू एडीज़ एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है, जो साफ और ठहरे पानी में पनपता है। यह बीमारी सीधे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलती, लेकिन संक्रमित मच्छरों के कारण तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले सकती है।

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डॉ. प्रियदर्शी के अनुसार डेंगू के लक्षण आमतौर पर मच्छर के काटने के 4 से 10 दिन बाद दिखाई देते हैं। तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में असहनीय दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते, उल्टी, कमजोरी और प्लेटलेट्स में गिरावट इसके प्रमुख संकेत हैं। गंभीर स्थिति में मरीज को पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून आना, सांस लेने में परेशानी, पेशाब कम होना या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे मामलों में तुरंत अस्पताल ले जाना जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू के सामान्य मामलों में घर पर आराम, पर्याप्त तरल पदार्थ और पैरासिटामोल से इलाज संभव है। मरीज को ओआरएस, नारियल पानी, फलों का रस और अधिक मात्रा में पानी देना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि एस्पिरिन और आइबुप्रोफेन जैसी दवाओं का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही मरीज को मच्छरदानी के अंदर रखने और नियमित रूप से प्लेटलेट्स की जांच कराने की सलाह दी गई है।

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डॉक्टरों ने बताया कि यदि प्लेटलेट्स तेजी से गिर रहे हों, शरीर में कमजोरी बढ़ रही हो, मरीज तरल पदार्थ नहीं ले पा रहा हो या गर्भवती महिला, बुजुर्ग और गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति संक्रमित हो, तो तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना जरूरी हो जाता है। उन्होंने कहा कि डेंगू से बचाव के लिए घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देना सबसे प्रभावी तरीका है। पानी की टंकियों को ढककर रखें, कूलर और बर्तनों की नियमित सफाई करें, पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छर भगाने वाली क्रीम का उपयोग करें।

डॉ. कुनाल प्रियदर्शी ने कहा कि जागरूकता, समय पर जांच और सही इलाज से डेंगू को गंभीर होने से रोका जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत योग्य चिकित्सक से संपर्क करें और स्वयं दवा लेने से बचें।

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