5 महीने से मानदेय नहीं मिला तो फूट-फूटकर रोई होमगार्ड, बोली- पैसे नहीं मिले तो जान दे दूंगी






जमशेदपुर : एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शनिवार सुबह मानदेय नहीं मिलने से परेशान एक आदिवासी महिला होमगार्ड जवान ड्यूटी के दौरान भावुक होकर रोने लगी। पांच महीने से भुगतान लंबित होने और आर्थिक परेशानी से जूझ रही फूलकुमारी ने रोते हुए कहा कि पैसे नहीं मिले तो वह अपनी जान दे देगी। महिला की बात सुनकर अस्पताल परिसर में अफरातफरी मच गई।


बोड़ाम थाना क्षेत्र की रहने वाली फूलकुमारी ने बताया कि वह करीब छह महीने से रीढ़ की समस्या से गंभीर दर्द झेल रही हैं। एमजीएम समेत अन्य सरकारी अस्पतालों में इलाज के बाद भी राहत नहीं मिली, जिसके बाद वह पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में इलाज करा रही हैं। डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी है, जिसमें काफी खर्च आएगा। पति से मदद मांगने पर उन्होंने मानदेय के पैसे से इलाज कराने की बात कही।
महिला होमगार्ड की स्थिति बिगड़ने पर साथी जवानों ने उन्हें पूछताछ केंद्र में बैठाकर समझाया और शांत कराया। इस दौरान कई जवान भावुक हो गए। इससे पहले भी करीब एक सप्ताह पूर्व एमजीएम अस्पताल में तैनात एक अन्य आदिवासी महिला होमगार्ड ने मानसिक तनाव में फिनाइल पीकर आत्महत्या का प्रयास किया था। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से होमगार्ड जवानों की आर्थिक और मानसिक परेशानियां सामने आ रही हैं।


