जमशेदपुर में Fin4All 2026 का भव्य आयोजन, 800 से ज्यादा ग्रामीणों को मिली वित्तीय साक्षरता की नई दिशा


जमशेदपुर : देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान XLRI – Xavier School of Management ने 10 और 11 फरवरी को अपने प्रमुख वित्तीय साक्षरता संगोष्ठी ‘Fin4All 2026’ का दूसरा संस्करण आयोजित किया। इस दो दिवसीय कार्यक्रम का उद्देश्य वित्तीय जागरूकता को जमीनी स्तर तक पहुंचाना और कॉरपोरेट जगत व ग्रामीण समुदायों के बीच सेतु बनाना था।

यह आयोजन SANCHETNA द्वारा किया गया, जो छात्रों की एक वित्तीय जागरूकता समिति है। इसकी स्थापना और मार्गदर्शन वरिष्ठ प्रोफेसर एच.के. प्रधान ने किया है।
कार्यक्रम में देश के शीर्ष वित्तीय नियामक और संस्थान शामिल हुए। इनमें Securities and Exchange Board of India, Reserve Bank of India, National Stock Exchange of India, Bombay Stock Exchange, National Securities Depository Limited और Central Depository Services Limited के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कई वरिष्ठ बैंक अधिकारी और वित्त विशेषज्ञों ने भी भाग लिया।
पहले दिन ‘रीजनल इन्वेस्टर सेमिनार फॉर अवेयरनेस’ का आयोजन हुआ, जिसमें झारखंड के 50 से अधिक गांवों से 800 से ज्यादा ग्रामीण शामिल हुए। स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधि, सामुदायिक कार्यकर्ता और सूक्ष्म उद्यमियों ने इसमें भाग लिया।
सत्रों में बचत, निवेश, पेंशन, बैंकिंग अधिकार, वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव और सरकारी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने वित्तीय समावेशन को जमीनी हकीकत बनाने पर जोर दिया।
दूसरे दिन CXO समिट का आयोजन हुआ, जिसमें 1,000 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। उद्योग विशेषज्ञों ने दीर्घकालिक निवेश, अनुशासित बचत और बदलते वित्तीय परिदृश्य पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के समापन पर NSE के सहयोग से फाइनेंस ग्रैंड क्विज का आयोजन हुआ। विजेताओं को नकद पुरस्कार और विशेष उपहार दिए गए।
जमशेदपुर साइबर थाना के इंस्पेक्टर कुणाल राजा ने भी प्रतिभागियों को डिजिटल वित्तीय अपराधों जैसे फिशिंग और मोबाइल बैंकिंग फ्रॉड से सावधान रहने की सलाह दी।
इसी दौरान “XL मेला” का आयोजन भी हुआ। इसमें विभिन्न संस्थानों के स्टॉल के साथ ग्रामीण महिलाओं द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पाद प्रदर्शित किए गए। इससे ग्रामीण उद्यमियों को व्यापक बाजार तक पहुंच का अवसर मिला।
200 से अधिक एमबीए छात्रों ने सामाजिक वित्त विषय के तहत ग्रामीणों को वित्तीय परामर्श और योजना संबंधी मार्गदर्शन दिया।
आयोजकों ने बताया कि यह पहल झारखंड के 50 से अधिक आदिवासी गांवों तक वित्तीय साक्षरता पहुंचाने में मददगार रही है। कार्यक्रम ने युवाओं और ग्रामीण समुदायों के बीच वित्तीय जागरूकता की मजबूत नींव रखी।



