मरीज को सरकारी एंबुलेंस नहीं मिलने का आरोप, निजी एंबुलेंस के लिए 5 हजार रुपये वसूलने पर चालक को शो-कॉज

Advertisements

जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल में भर्ती मरीज को सरकारी एंबुलेंस नहीं मिलने और निजी एंबुलेंस से रिम्स ले जाने के लिए 5 हजार रुपये वसूलने की शिकायत पर अस्पताल प्रबंधन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ बलराम झा ने गुरुवार को सरकारी एंबुलेंस के चालक प्रभारी गौरी माहली को शो-कॉज नोटिस जारी किया है। उनसे एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया है। नोटिस में पूछा गया है कि अस्पताल में सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध रहने के बावजूद मरीज को इसकी सुविधा क्यों नहीं दी गई और परिजनों को निजी एंबुलेंस के लिए 5 हजार रुपये क्यों देने पड़े।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements
Advertisements
https://bashisthaonline.in

जानकारी के अनुसार, बिरसानगर थाना क्षेत्र के लुपुंगडीह निवासी राहुल सवर (24) सोमवार रात करीब 9 बजे हलुदबनी में दो बाइक की टक्कर में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजन उन्हें इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने सीटी स्कैन कराने की सलाह दी, लेकिन आर्थिक परेशानी के कारण जांच में देर हुई। बाद में एक होमगार्ड जवान के आग्रह पर पीपीपी मोड पर संचालित मणिपाल एजेंसी के कर्मचारियों ने मरीज का सीटी स्कैन नि:शुल्क कराया।

सीटी स्कैन में सिर में गंभीर चोट मिलने के बाद डॉक्टरों ने राहुल को बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल परिसर में पांच सरकारी एंबुलेंस मौजूद रहने के बावजूद उन्हें रिम्स ले जाने के लिए सरकारी एंबुलेंस नहीं दी गई। इसके बाद निजी एंबुलेंस की व्यवस्था की गई और चालक ने रांची ले जाने के लिए 5 हजार रुपये वसूले। राहुल की बहन आइती सवर के अनुसार, वे लोग रात करीब 2 बजे से सुबह 6 बजे तक सरकारी एंबुलेंस के लिए परेशान होते रहे, लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई। शिकायत सामने आने के बाद अस्पताल अधीक्षक ने चालक प्रभारी को जवाब देने को कहा है और जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही है।

See also  फ्लाइओवर निर्माण पर सवाल, छह साल से तैयार पानी टंकी में अब तक नहीं पहुंचा पानी

 

About The Author

You may have missed