नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय में चतुर्थ दीक्षांत समारोह आयोजित: राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि

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Jamshedpur :  नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय, जमशेदपुर में शुक्रवार को विश्वविद्यालय का चतुर्थ दीक्षांत समारोह गरिमामय एवं भव्य वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि झारखंड के माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार तथा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री मदन मोहन सिंह की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गौरव प्रदान किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रभात कुमार पाणि, कुलसचिव नागेन्द्र सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. मोईज़ अशरफ, विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, शोधार्थी, छात्र-छात्राएं एवं उनके अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय 2022-2025 सत्र के विभिन्न स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के 1600 से अधिक विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। साथ ही विभिन्न संकायों के पाठ्यक्रमों के मेधावी विद्यार्थियों को 26 स्वर्ण पदक एवं 26 रजत पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त 33 शोधार्थियों को पीएच.डी. की उपाधि प्रदान की गई। समारोह विद्यार्थियों के जीवन का एक अविस्मरणीय क्षण बन गया, जहां वर्षों की मेहनत और समर्पण को औपचारिक मान्यता मिली।
माननीय राज्यपाल के विश्वविद्यालय परिसर में आगमन पर विश्वविद्यालय प्रशासन एवं जिला प्रशासन ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय गीत तत्पश्चात राष्ट्रगान, दीप प्रज्ज्वलन, गणेश वंदना एवं विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ। भारतीय संस्कृति और परंपरा से ओत-प्रोत प्रस्तुतियों ने समारोह की गरिमा को और बढ़ा दिया।
इसके पश्चात विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री मदन मोहन सिंह एवं कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रभात कुमार पाणि ने अपने स्वागत संबोधन में विश्वविद्यालय की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की विकास यात्रा, शैक्षणिक उपलब्धियों, शोध, नवाचार, उद्योग-शिक्षा सहयोग, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विद्यार्थियों की उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, कौशल विकास एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला।

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दीक्षांत समारोह की औपचारिक प्रक्रिया के अंतर्गत विश्वविद्यालय के कुलसचिव नागेन्द्र सिंह ने सभी स्नातकों एवं शोधार्थियों को दीक्षांत की शपथ दिलाई। इसके बाद माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार ने मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण एवं रजत पदक प्रदान किए तथा शोधार्थियों को पीएच.डी. की उपाधियां देकर सम्मानित किया। मंच पर सम्मान प्राप्त करते समय विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के चेहरे पर गर्व एवं प्रसन्नता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी।
अपने दीक्षांत संबोधन में माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार ने कहा दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को निभाने का संकल्प लेने का भी महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि आज के युवा भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं और विकसित भारत के निर्माण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे ज्ञान, कौशल, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक उत्तरदायित्व को अपने जीवन का आधार बनाएं तथा नवाचार, उद्यमिता और अनुसंधान के माध्यम से देश की प्रगति में सक्रिय योगदान दें।

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राज्यपाल ने विश्वविद्यालय द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान एवं कौशल विकास के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए सभी उपाधिधारकों, पदक विजेताओं एवं शोधार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने कहा नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे जिम्मेदार, सक्षम एवं संवेदनशील नागरिक तैयार करना है जो समाज और राष्ट्र के विकास में अग्रणी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय निरंतर आधुनिक शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, उद्योग से समन्वय तथा वैश्विक मानकों के अनुरूप शिक्षण व्यवस्था विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवनभर सीखते रहने, उत्कृष्टता को अपनाने तथा अपने ज्ञान का उपयोग समाजहित में करने का आह्वान किया।

कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रभात कुमार पाणि ने अपने संबोधन में कहा विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता ही नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता, अनुसंधान संस्कृति एवं सामाजिक उत्तरदायित्व से भी जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विश्वविद्यालय में बहुविषयक शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार एवं कौशल विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने सभी उपाधिधारकों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे देश और समाज के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे तथा विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगे।

राज्यपाल के प्रेरणादायी संबोधन के उपरांत विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उन्हें विश्वविद्यालय की स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह के समापन के बाद विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों, अभिभावकों एवं सहपाठियों के साथ समूह छायाचित्र खिंचवाए। दीक्षांत समारोह का यह भावनात्मक क्षण विद्यार्थियों के लिए जीवनभर की अमूल्य स्मृति बन गया।
पूरे समारोह का संचालन अत्यंत सुव्यवस्थित एवं गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। विश्वविद्यालय परिसर उत्साह, उपलब्धि और गौरव के वातावरण से सराबोर रहा। दीक्षांत समारोह ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार एवं विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।

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