स्वास्थ्य सेवाओं एवं आयुष्मान कार्ड निर्माण शिविरों में उत्कृष्ट कार्य हेतु एमओआईसी कुचाई को प्रथम एवं एमओआईसी ईचागढ़ को द्वितीय पुरस्कार से डीसी ने किया सम्मानित

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Saraikela (संजीव मेहता) : सरायकेला उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में जिले में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं एवं योजनाओं की व्यापक समीक्षा बैठक की गई. बैठक में सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, योजनाओं के क्रियान्वयन तथा आमजनों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने को लेकर संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए. स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी संचालन, उत्कृष्ट कार्य निष्पादन एवं आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान कार्ड निर्माण हेतु आयोजित विशेष शिविरों में बेहतर प्रदर्शन के लिए बैठक के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुचाई के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (MOIC) डॉ. सुजीत कुमार मुर्मू को प्रथम पुरस्कार से उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह द्वारा सम्मानित किया गया. वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ईचागढ़ के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (MOIC) डॉ. हरेंद्र मुंडा को द्वितीय पुरस्कार से सिविल सर्जन डॉ. सरजू प्रसाद सिंह द्वारा सम्मानित किया गया. समीक्षा के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गम्हरिया एवं राजनगर में पूर्व में हुई जांच में पाई गई कमियों के अनुपालन की समीक्षा की गई. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध दवाओं का स्टॉक एवं एक्सपायरी का नियमित सत्यापन किया जाए. किसी भी परिस्थिति में एक्सपायर दवा अथवा स्वास्थ्य सामग्री पाए जाने पर संबंधित चिकित्सा पदाधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उपायुक्त के निर्देशानुसार दिनांक 26 मई 2026 को सीएचसी सरायकेला एवं पीएचसी मंगुड़ीह में जांच के क्रम में रजिस्टर संधारण, स्वच्छता एवं अन्य व्यवस्थाओं में अनियमितता पाए जाने पर एमओआईसी सरायकेला एवं चिकित्सा पदाधिकारी मंगुड़ीह से स्पष्टीकरण करते हुए विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया गया. बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के अंतर्गत व्यय एवं लाभुकों को प्रदत्त राशि की समीक्षा की गई. उपायुक्त ने उप विकास आयुक्त को स्वास्थ्य विभाग के वित्तीय व्यय की गहन समीक्षा करने तथा विभिन्न योजनाओं के लाभुकों का रेंडम सत्यापन कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुरूप ही दवाओं की खरीद सुनिश्चित की जाए, ताकि अनावश्यक भंडारण एवं दवाओं की एक्सपायरी की स्थिति उत्पन्न न हो. बायोमैट्रिक उपस्थिति की समीक्षा के दौरान चिकित्सा पदाधिकारियों एवं कर्मियों की ऑनलाइन उपस्थिति कम पाए जाने पर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि बायोमैट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए. साथ ही सभी स्वास्थ्य केंद्रों में स्वच्छता, वेटिंग एरिया एवं मरीज सुविधा व्यवस्थाओं में सुधार लाने के निर्देश दिए गए. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन स्वास्थ्य केंद्रों में अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध है, वहां मशीनें चालू अवस्था में रहनी चाहिए तथा आमजनों को उसका लाभ मिलना चाहिए. आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र लाभुकों का अधिकाधिक आयुष्मान कार्ड बनाने हेतु विशेष शिविर आयोजित करने का निर्देश भी दिया गया. इम्यूनाइजेशन कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति हेतु विशेष कार्ययोजना बनाकर कार्य करने का निर्देश दिया गया. वहीं एनीमिया मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को लक्ष्य आधारित कार्य करने, नियमित मॉनिटरिंग करने तथा जागरूकता गतिविधियों को बढ़ाने का निर्देश दिया. समीक्षा के दौरान वैसे चिकित्सक एवं चिकित्सा पदाधिकारी जिनका कंसल्टेशन निर्धारित लक्ष्य से अत्यंत कम अथवा शून्य पाया गया, उनसे स्पष्टीकरण करने का निर्देश दिया गया.  उपायुक्त ने सभी स्वास्थ्य पदाधिकारियों को इसी प्रकार जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए आमजनों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु प्रेरित किया. उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता आमजनों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है. इसके लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक संसाधन एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. इसके बावजूद यदि कहीं भी लापरवाही अथवा अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मियों की जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने सभी चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्य कर्मी, डीपीएम एवं बीपीएम को निर्धारित रोस्टर के अनुरूप कार्यस्थल पर नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा कार्यस्थल के समीप निवास करने का निर्देश दिया. बिना स्वीकृत अवकाश के कार्यक्षेत्र से अनुपस्थित पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई.
उपायुक्त ने डीपीएम एवं बीसीएम को अपनी कार्यशैली में सुधार लाने तथा सभी स्वास्थ्य कर्मियों को संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवा जनहित से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जिसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. आवश्यक होने पर संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई एवं प्राथमिकी भी दर्ज की जाएगी.
बैठक में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, सिविल सर्जन डॉ. सरजू प्रसाद सिंह, उपाधीक्षक सदर अस्पताल डॉ. नकुल चौधरी समेत सभी एमओआईसी, डीपीएम, डीएएम एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे.

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